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Jaipur ACB Trap: रिश्वत के 33 लाख रुपए देकर गाड़ी का इंडिकेटर जलाया, तो एसीबी ने पकड़ा

Jaipur ACB Trap: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर में 33 लाख रुपए की रिश्वत लेते एक दलाल को रंगे हाथों ट्रैप किया, जबकि समानांतर कार्रवाई में झुंझुनूं में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक्सईएन राकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

•

Updated: 11 Apr 2026, 10:52 AM IST

आरोपी एक्सईएन और दलाल अरेस्ट, पत्रिका फोटो

आरोपी एक्सईएन और दलाल अरेस्ट, पत्रिका फोटो

Jaipur ACB Trap: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर में 33 लाख रुपए की रिश्वत लेते एक दलाल को रंगे हाथों ट्रैप किया, जबकि समानांतर कार्रवाई में झुंझुनूं में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक्सईएन राकेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बग्गड़ क्षेत्र में स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली सड़क के अलाइनमेंट को लेकर यह पूरा भ्रष्टाचार का खेल चल रहा था। परिवादी की खातेदारी जमीन से पास से हाइवे निकाला गया, फिर जमीन को सड़क सीमा में शामिल कर लिया गया था। बाद में अधिकारियों ने रिअलाइनमेंट के नाम पर जमीन को बाहर निकालने का झांसा देकर मोटी रकम की मांग की।

रिश्वत में मांगे 75 लाख रुपए

परिवादी ने एसीबी को शिकायत की कि आरोपियों ने जमीन की कीमत 3-4 करोड़ रुपए बताते हुए 75 लाख रुपए की रिश्वत मांगी है। एसीबी ने सत्यापन करवाया तो 35 लाख रुपए मांगे, फिर सौदा 33 लाख रुपए में तय किया। इस काम के लिए सरकार की ओर से सर्वे और अलाइनमेंट का जिम्मा झुंझुनूं इंजीनियर्स प्रा. लि. को दिया गया था।

एसीबी ने चौमूं पुलिया पर यूं बिछाया जाल

एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रैप की कार्रवाई एएसपी संदीप सारस्वत को सौंपी। सत्यापन में सामने आया कि कंपनी का प्रतिनिधि दलाल याकूब अली ही परिवादी से संपर्क कर रिश्वत ले रहा था। रात 8 बजे चौमूं पुलिया पर याकूब ने रिश्वत की राशि 33 लाख रुपए लेकर परिवादी को बुलाया।

कार का ​इंडिकेटर बना ​इशारा

आरोपी दलाल खुद की गाड़ी से उतरकर परिवादी की गाड़ी में बैठ गया। परिवादी ने 33 लाख रुपए उसको पकड़ाए और फिर एसीबी के कहे अनुसार गाड़ी का इंडिकेटर जला दिया। तभी एसीबी की टीम ने गाड़ी को घेर लिया और याकूब को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। याकूब उक्त रकम चिड़ावा में एक्सईएन राकेश कुमार को ले जाकर देने जा रहा था।

एसीबी ने याकूब की एक्सईएन से चिड़ावा में बात करवाई और फिर देर रात उसको पकड़ लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि याकूब अली अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में नोटिफिकेशन में दर्ज है और झुंझुनूं के किटाणा का निवासी है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी के उच्च स्तर के अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है।