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राजस्थान के इस स्टेट हाईवे पर 40 मिनट का सफर 90 मिनट में हो रहा पूरा, जानें वजह

Ajitgarh Chomu State Highway: अमरसरवाटी क्षेत्र से गुजरने वाला अजीतगढ़-चौमूं स्टेट हाईवे इन दिनों बदहाली और अव्यवस्था की मिसाल बन गया है। करीब 40 किलोमीटर के इस मार्ग पर करीब 40 स्पीड ब्रेकर होने से वाहन चालकों को हर कुछ दूरी पर ब्रेक लगाना पड़ता है।

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Ajitgarh Chomu State Highway

चौमूं-अजीतगढ़ स्टेट हाईवे पर बने ब्रेकर। फोटो पत्रिका नेटवर्क

Ajitgarh Chomu State Highway : राड़ावास/शाहपुरा। अमरसरवाटी क्षेत्र से गुजरने वाला अजीतगढ़-चौमूं स्टेट हाईवे इन दिनों बदहाली और अव्यवस्था की मिसाल बन गया है। करीब 40 किलोमीटर के इस मार्ग पर करीब 40 स्पीड ब्रेकर होने से वाहन चालकों को हर कुछ दूरी पर ब्रेक लगाना पड़ता है। नतीजतन 40 मिनट का सफर डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है। लगातार गियर बदलने से चालक परेशान है और यात्रियों को हिचकोले झेलने पड़ रहे है।

हाईवे पर आरएसआरडीसी की ओर से तय मापदंडों के अनुसार बनाए गए ब्रेकरों के अलावा कई गांवों में लोगों ने मनमाने तरीके से ऊंचे और उबड़-खाबड़ ब्रेकर बना दिए है। ये अवैज्ञानिक ब्रेकर हादसों का कारण बन रहे है और वाहन चालकों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे है। सड़क किनारे बनी पक्की पटरी की देखरेख नहीं होने से वहां झाड़ियां और घास उग आई हैं।

ऐसे में राहगीर और विद्यार्थी मजबूरन सड़क पर ही चलते हैं। मात्र 23 फीट चौड़ी सड़क पर इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। राज्य सरकार ने स्टेट हाईवे के डामरीकरण और दोनों ओर पक्की पटरी निर्माण के लिए 30 करोड़ स्वीकृत किए है, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। जनप्रतिनिधि भी जल्द काम शुरू कराने की मांग कर चुके हैं, बावजूद इसके स्थिति जस की तस है।

सवारी वाहनों ने बदले रूट

खराब सड़क और अत्यधिक ब्रेकरों के चलते नीमकाथाना से जयपुर जाने वाली निजी बसें अब चला-श्रीमाधोपुर-रींगस मार्ग से जाने लगी है। इससे इस मार्ग पर सवारी वाहनों की संख्या घट गई है। करीब दो दर्जन गांवों के लोगों को चौमूं व जयपुर जाने के लिए पर्याप्त साधन नहीं मिल रहे है।

मरीजों के लिए जानलेवा बन रहा सफर

यह स्टेट हाईवे नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, अजीतगढ़ और अमरसरवाटी क्षेत्र की 22 ग्राम पंचायतों को चौमूं व जयपुर से सीधा जोड़ता है। चौमूं मेडिकल हब होने के कारण गंभीर मरीजों को इसी स्टेट हाईवे से ले जाया जाता है, लेकिन अत्यधिक ब्रेकरों के कारण अस्पताल पहुंचने में देरी हो रही है। कई मामलों में यह देरी जानलेवा साबित हो चुकी है।

तीन टोल नाके भी बने बाधा

नीमकाथाना से चौमूं के बीच करीब 80 किलोमीटर में चला, गढ़टकनेट और धवली में तीन टोल नाके हैं। टोल शुल्क और खराब सड़क के कारण निजी बसों ने इस मार्ग से दूरी बना ली है। रोडवेज बसों की संख्या भी कम हो गई है, जिससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

जनता की आवाज

किसी भी सड़क मार्ग पर ईतने स्पीड ब्रेकर नहीं देखे जो नियम विरुद्ध बने हुए है किसी भी स्टेट हाईवे पर इतने ब्रेकर बनाना दुर्घटनाओं को आमंत्रित करना है।
–किशनलाल यादव, सेवानिवृत सीओ

स्पीड ब्रेकर मरीजों के लिए जान लेवा है। जिन्हें तुरन्त इलाज मिलना चाहिए। चौमूं जयपुर पहुंचते पहुंचते बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते है।

–धर्मसिंह खोखर, हनुतिया
चौमूं अजीतगढ़ सड़क मार्ग पर स्पीड ब्रेकरो को आबादी क्षेत्र तक सीमित रखना चाहिए था अनावश्यक बनाए गए ब्रेकरों से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
–कैलाश मिश्रा, शिवसिंहपुरा

इनका कहना है

अजीतगढ़ चौमू स्टेट हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं के मद्देनजर पुलिस विभाग की अनुशंसा के बाद ही ब्रेकर बनाए गए थे।
–सीएम वासुदेव, अधिशासी अभियंता आरएसआरडीसी विभाग