
Donald Trump :अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US PRESIDENT DONALD TRUMP ) के भारत दौरे को लेकर भारत पूरी तरह दुल्हन की तरह सज गया है। ( pm modi ) अहमदाबाद, आगरा और दिल्ली की सड़के इन दिनों होर्डिंग, पोस्टर बैनर से रंग दी गई है । हर तरफ 'नमस्ते ट्रंप' की गूंज सुनाई दे रही है । ठीक इसी तरह सन् 2000 में बिल क्लिंटन जब भारत दौरे के दौरान जयपुर जिले के नायला गांव में आए थे तो पूरे गांव की तस्वीर बदल दी गई थी। आज जब हम नायला गांव पहुंचे तो ग्रामवासियों ने कहा कभी सोचा ही नहीं था़, हमारा गांव रातों रात इतना चमक जाएगा और विश्वभर में जाना जाएगा ।
दुल्हे के आगमन की तरह सजा दिया गया
गांव के वर्तमान सरपंच मोहन मीना और उपसरंपच शेखर शर्मा ने बताया जब गांव में सड़के बनने लगी रंग रोगन होने लगा, तो हमें पता चला शायद कोई बड़ा आदमी यहां आने वाला है । उनका कहना था रातों रात नायला गांव का पूरा नक्शा ही बदल दिया गया । कानोता से नायला गांव तक के 6 किलोमीटर की दूरी में जहां कभी सड़के बनने का नहीं सोचा था वहां दो लेन की सड़के बन गई । गांव के पुराने महल जो जीर्ण-शीर्ण हो चुके थे वो चमक उठे। जिस बिल्डिंग 'फतेहगढ़ हवेली' में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन आए वो किसी महल से कम नजर नहीं आ रहीं थी । गांव की हर दीवार को स्वागत के लिए रंग दिया गया।
आज भी याद आता है भाई के साथ किया डांस
बिल क्लिंटन ने अपने दौरे के दौरान गांव के रहने वाली मोहनी देवी को राखी बंधवाकर अपनी बहन बनाया था । जब बहन मोहनी देवी से हमने बात की तो उनका कहना था आज भी मुझे उनके साथ किया वो डांस याद आता है । जब वे यहां आए तो उन्होंने हमारे साथ मारवाड़ी गांनों पर डांस किया । मोहनी देवी ने बताया उन्होंने मुझसे रांखी बंधवाई और सुरक्षा का वचन भी दिया था ।
पूरा गांव बन गया था छावनी
'फतेहगढ़ हवेली' के पास के हर घर, हर गली,हर मोहल्ले में पुलिस ही पुलिस नजर आ रहीं थी । 'फतेहगढ़ हवेली' हवेली के पास रहने वाले बजरंग सिंह ने बताया कि हमारे घरों के छतों के ऊपर सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई थी । पहली बार गांव में इतनी पुलिस देख हैरान थे ।हर एक कदम पर पुलिस ही पुलिस नजर आ रहीं थी ।
आज बदहाली के आंसू रो रहा नायला
रातों रात करोड़ों रुपए खर्च कर गांव की तस्वीर तो उस दौरान बदल दी गई लेकिन 19 साल बाद गांव के हालातों की बात करें तो आज गांव बदहाली के आंसू रो रहा है। जो हवेलियां उस समय चमक उठी थी वो आज टूटी-फूटी नजर आती है। कानोता से नायला गांव तक की सड़क पर जगह जगह गड्डे और कंकर नजर आते हैं । गांव में कभी कभी तो ये हालात हो जाते है कि दो-तीन दिन तक पीने का पानी नहीं आता है। बिल क्लिंटन ने जिस कंप्यूटर कक्ष की शुरुआत की थी, वो गांव में आज कहीं नजर नहीं आता है । गांव में चारों तरफ गंदगी के ढेर,बहता गंदा पानी ही नजर आता है ।
Updated on:
24 Feb 2020 10:18 am
Published on:
24 Feb 2020 08:35 am
