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अमित शाह ने पाक सैनिकों के दांत खट्टे करने वाले भैरोंसिंह राठौड़ से की मुलाकात

Amit Shah Rajasthan visit : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को 1971 के भारत-पाक युद्ध में लोंगेवाला पोस्ट के वीर नायक भैरों सिंह राठौड़ से मुलाकात की।

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amit shah meets with bhairon singh rathore

Amit Shah Rajasthan visit : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को 1971 के भारत-पाक युद्ध में लोंगेवाला पोस्ट के वीर नायक भैरों सिंह राठौड़ से मुलाकात की। अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि भैरोंसिंह राठौड़ से आज जैसलमेर में मिलने का सौभाग्य मिला। लोंगेवाला से दुश्मनों को खदेड़ने की आपकी वीरता और मातृभूमि के प्रति प्रेम ने देश के इतिहास व देशवासियों के हृदय में एक अपार श्रद्धा का स्थान बनाया है। मैं आपको नमन करता हूं।

वीर सूरमाओं की धरा शेरगढ़ के सोलंकियातला गांव में जन्मे भैरोंसिंह राठौड़ बीएसएफ की 1971 में जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट पर 14 बटालियन में तैनात थे। जहां पर भैरोंसिंह ने अपने असाधारण शौर्य व वीरता का परिचय देते हुए पाक सैनिकों के दांत खट्टे किए थे। भारत-पाक सीमा पर लोंगेवाला पोस्ट पर वे मेजर कुलदीपसिंह की 120 सैनिकों की कंपनी के साथ डटकर सामना करते हुए पाक के टैंक ध्वस्त करते हुए दुश्मन सैनिकों को मार गिराया था।

शेरगढ़ के सूरमा भैरोसिंह ने एमएफजी से करीब 30 पाकिस्तानी दुश्मनों को ढेर किया था। शौर्यवीर भैरोंसिंह की वीरता व पराक्रम के चलते सन 1997 में रिलीज हुई बॉर्डर फिल्म में सुनील शेट्टी ने राठौड़ का रोल अदा किया था। फिल्म में भैरोंसिंह को शहीद बताया गया था लेकिन असल जिंदगी में फिल्म के रियल हीरो भैरोंसिंह आज भी पूरे जज्बे के साथ स्वस्थ्य हैं।

अमित शाह ने रविवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूनम स्टेडियम में आयोजित समारोह में कहा कि विश्व में उपलब्ध सबसे उच्च तकनीक बीएसएफ को मिलेगी और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए स्वदेशी ड्रोन प्रतिरोधक तकनीक तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सीमा पर अतिक्रमण करने का प्रयास हुआ। हमने तुरंत जवाबी कार्रवाई की है। हमारे जवान और सीमा को कोई हलके में नहीं ले सकता। जब उरी और पुलवामा में हमला हुआ। तब एक मजबूत निर्णय लेते हुए एयरस्ट्राइक का निर्णय लिया।

शाह ने कहा कि ड्रोन प्रतिरोधी तकनीक को तैयार किया जा रहा है। इस पर काम जारी है और दुनिया की सबसे उच्च तकनीक बीएसएफ को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएसएफ शांति हो या युद्ध हमेशा समर्पित रहा हैं और वैश्विक महामारी कोरोनाकाल में इसने अपना योगदान दिया। इसी तरह बल ने पर्यावरण सरंक्षण सहित अन्य कई बड़े काम किये है। उन्होंने जवानों को बहुत बधाई देते हुए उनकी हौंसला अफजाई की।

उन्होंने कहा कि भारतमाला प्रोजेक्ट से पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाया जा हैं और प्रधानमंत्री सीमाओं के प्रहरियों के प्रति हमेशा संवदेशनील रहे है और केन्द्र सरकार ने सशस्त्र बलों के परिवारजनों को पूर्ण स्वास्थ्य कवर प्रदान किया गया जिसके तहत एक कार्ड के द्वारा इसके परिजन आसानी से इसका लाभ ले सकते है। उन्होंने कहा कि वह शनिवार को भारत माला प्रोजेक्ट में बनी सड़क से बल की अंतिम चौकी जाकर आये हैं, उससे लगता है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कितना बड़ा निर्णय है।

उन्होंने कहा कि आज बल का 57वां स्थापना दिन और पहली बार सीमा के जिले में स्थापना दिन मनाने का मोदी सरकार ने निर्णय लिया है। इस परंपरा को हमेशा के लिए जारी रहना चाहिए। सीमा सुरक्षा के लिए जवानों को अपना लक्ष्य तय करना चाहिए। शाह ने कहा कि हजारों जवानों ने अलग-अलग जगह पर बलिदान दिए हैं। इसमें बीएसएफ सबसे आगे हैं। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बल का गौरवपूर्ण इतिहास है।

आज दुनिया की सबसे बड़ी सीमाओं की सुरक्षा करने वाली हमारा बीएसएफ है। फिर चाहे वो राजस्थान हो या गुजरात। नदियां हो या रेगिस्तान। सेना और सीमा सुरक्षा बल ने लौंगेवाला में एक पूरी टैंक की बटालियन को खदेड़ दिया था जो आज भी ट्रेनिंग सेंटरों में सिखाया जाता है। इससे पहले शाह ने वाहन में परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर बीएसफ ने डॉग-शो, अस्त्र-शस्त्र हैंडलिंग प्रदर्शन, पैरा एडवेंचर प्रदर्शन एवं सीमा भवानी (महिला) एवं जांबाज दल द्वारा मोटरसाइकिल के साथ प्रदर्शन किया।