
जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने करीब आधे घंटे सदन की कार्यवाही में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा ने विदेश से ब्लैक मनी लाने का वादा किया था। ब्लैक मनी विदेश से आ तो नहीं रही, बल्कि देश से बाहर जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री पी. चिदम्बरम के पुत्र की गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई बताया।
गहलोत ने कहा कि केंद्र की एजेंसियों का दुर्भावना से इस्तेमाल हो रहा है। कार्ति चिदंबरम लंदन से चैन्नई आ रहे थे। उन्होंने सीबीआई को लगातार सहयोग भी किया, इसके बावजूद उन्हें एयरपोर्ट पर गिरफ्तार करना अजीब है। अगर कोई विदेश भाग रहा होता तो उसकी गिरफ्तारी समझ में आती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ध्यान डायवर्ट करने के लिए की यह कार्रवाई की गई है। जबकि देश से नीरव मोदी, विजय माल्या , ललित मोदी विदेश चले गए। उन्हें सरकार नहीं रोक पाई। लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के आसार पर उन्होंने कहा कि अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। चाहे साथ चुनाव कराएं या अलग-अलग कराएं।
केंद्र व राज्य सरकार का बचना असंभव
गहलोत ने कहा कि एनडीए सरकार को केंद्र में और बीजेपी सरकार को राज्य में कोई नहीं बचा सकता। केंद्र और राज्य की सरकार का जाना तय है। सरकारों ने नेगेटिव सोच के साथ काम किया है। केंद्र और राज्य सरकारों का रवैया सवालों के घेरे में रहा है।
70 साल के कांग्रेस के काम पर सवाल उठाने का जुमला अब नहीं चलने वाला। उन्होंने कहा कि तीनों उपचुनाव में हार बड़ी बात होती है। इनका सूपड़ा साफ हो गया और यही इनकी बौखलाहट का कारण है। इस राज में किसान, युवा, महिला समेत सभी लोग सरकार से दुखी हं। उन्होंने घनश्याम तिवाड़ी से मुलाकात को सामान्य बताया।
मेरी मांग हुई तो मुझे आना पड़ा...
गहलोत सदन में पहुंचे तो सत्ता और विपक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया। संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि आज सदन की बदली से चांद निकला है। साथ ही कहा कि सदन में कुछ बोल जाओ, ताकि इतिहास यह नहीं कहे कि जोधपुर से आने वाले सदस्य ने सदन में कुछ बोला ही नहीं।
इसके जवाब में गहलोत ने कहा कि एक अच्छी बात है कि मेरी अनुपस्थिति में मेरे बारे में जो मांग की गई और वो भी सत्ता पक्ष की ओर से कि मुझे देखा नहीं, इसलिए मुझे आना पड़ा। चिकित्सा मंत्री यह रहे नहीं, लेकिन चिकित्सा मंत्री की छाप इन्हीं पर लगी है।
अब सदन में इतना ही कहना चाहूंगा कि मुझेे इस बात का गव है कि हमारे 24 सदस्य हैं और जब सरकार बनी तो 163 का बहुत शानदार आपको बहुमत आपको मिला। यहां 21 पर आकर हम रुक गए, फिर बाद में 24 हुए तो 24 लोगों ने भी चार साल में आपकी धज्जियां उड़ा दीं।
फाेटाे- नरेंद्र माेदी आैर वसुंधरा राजे की फाइल फाेटाे
Updated on:
01 Mar 2018 08:06 am
Published on:
01 Mar 2018 07:33 am
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