
जयपुर।
राजस्थान में अब इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना ( Indira Gandhi Gas Subsidy Yojana ) को लेकर सियासत शुरू हो गई है। सीएम अशोक गहलोत की मौजूदगी में जयपुर से प्रदेश के सभी 33 जिलों में हुए 'लाभार्थी उत्सव' के ख़त्म होने के फ़ौरन बाद भाजपा नेताओं के बयान आने शुरू हो गए। पार्टी नेताओं ने चुनावी वर्ष में शुरू की जा रही योजनाओं को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।
गौरतलब है कि सीएम अशोक गहलोत ने जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक साथ 14 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में 60 करोड़ रूपए का लाभ हस्तांतरित किए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से संवाद भी किया है। कार्यक्रम में महंगाई राहत कैम्पों तथा इंदिरा गांधी गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजना पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ ही विधायक, अधिकारी एवं योजना के लाभार्थी उपस्थित रहे और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्य स्तरीय लाभार्थी उत्सव से जुड़े।
सफर ख़त्म होने पर ये कैसी शुरुआत? : राठौड़
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा, 'मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, सफर खत्म होने को है, आपने अब शुरुआत की है। हुजूर आते-आते बहुत देर कर दी। राज्य में खिसकते जनाधार से घबराये घोषणाजीवी मुख्यमंत्री जी आपको साढ़े 4 वर्ष बाद चुनावी वर्ष में गरीब महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर में सब्सिडी देने की याद आई है।'
'सत्ता में आते ही लागू करते योजना'
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के जन घोषणा पत्र के पृष्ठ संख्या 39 के बिन्दु संख्या 54 में रसोई गैस की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रयास करने का वादा पहले पूरा क्यों नहीं किया? अगर आपकी मंशा वास्तव में गरीबों को लाभान्वित करने की होती तो जिस घोषणा पत्र को आपने शासन में आते ही अपना नीतिगत दस्तावेज बनाया उसकी घोषणा को तत्समय ही अमलीजामा पहनाते।
'पीएम मोदी ने दिलाए गैस कनेक्शंस'
राठौड़ ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मई 2022 में PM उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर सब्सिडी दिये जाने का निर्णय लिया था, तब आपने 500 रुपए में सिलेंडर देने का ऐलान क्यों नहीं किया? कांग्रेस ने दशकों तक देश पर राज किया लेकिन महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन नहीं दे पाई। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने महिलाओं की पीड़ा को समझा और वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से देशभर में 9.6 करोड़ गैस कनेक्शन देकर उन्हें हानिकारक धुएं से मुक्ति दिलाई है।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के जन घोषणा के पृष्ठ संख्या 39 के बिन्दु संख्या 53 में पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने तथा पृष्ठ सं. 38 के बिन्दु सं. 49 में महंगाई नियंत्रण हेतु आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने का वादा भी ढकोसला साबित हुआ है। यही कारण है कि कांग्रेस शासन में 6 बार पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाया गया और पेट्रोल पर 31.04% वैट, डीजल पर 19.30 % वैट सरकार वसूल रही है।
राठौड़ ने कहा कि महंगाई राहत कैंप तो कांग्रेस का निजी अभियान है जिसमें वह री-रजिस्ट्रेशन के नाम पर जबरन कैंपों में लोगों को बुलाने के लिए विवश कर रही है। सरकार ने साढ़े 4 साल तो जनता को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी और अब योजना का लाभ देने के नाम पर नौटंकी कर रही है। जनता समझदार है, इस जादूगरी के जाल में फंसने वाली नहीं है।
मात्र 500 रुपए में मिल रहा गैस सिलेंडर
इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 76 लाख उपभोक्ताओं को केवल 500 रुपये में गैस सिलेण्डर उपलब्ध करवाया जा रहा है। उज्ज्वला योजना में चयनित परिवारों के साथ ही बीपीएल श्रेणी के गैस कनेक्शन धारक परिवार इस योजना के पात्र हैं। सम्पूर्ण राज्य में 1 अप्रैल, 2023 से यह योजना लागू की जा चुकी है। वर्तमान में महंगाई राहत शिविरों में पंजीकरण के माध्यम से योजना का लाभ दिया जा रहा है। अब तक कुल 48.63 लाख परिवार योजना में अपना पंजीकरण करवा चुके हैं।
इस योजना में गैस सिलेंडर पंजीयन करवाने के बाद गैस कंपनियों से प्राप्त ट्रांजेक्शन डाटा के आधार पर माह में दो बार अर्थात पाक्षिक आधार पर अंतर राशि उपभोक्ता के जनाधार से लिंक खाते में स्वतः जमा करने का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों को महंगाई से राहत देने के लिए राज्य बजट 2023-24 में 19 हजार करोड़ के महंगाई राहत पैकेज की घोषणा की थी। आमजन को महंगाई से तत्काल राहत देने के लिए 24 अप्रेल से प्रदेश भर में महंगाई राहत कैम्पों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिनमें 10 जनकल्याणकारी योजनाओं में पंजीकरण कर गारंटी कार्ड प्रदान किये जा रहे हैं। प्रदेश के करीब 1.43 करोड़ परिवार इन कैम्पों में अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।
इन जिलों में इतने लाभार्थियों को लाभ हस्तांतरण
लाभार्थी उत्सव के दौरान अजमेर जिले के 54694, अलवर के 59514, बांसवाड़ा के 25615, बारां के 29246, बाड़मेर के 67362, भरतपुर के 58515, भीलवाड़ा के 52064, बीकानेर के 54626, बूंदी के 26613, चित्तौड़गढ़ के 41445, चूरू के 56618, दौसा के 41532, धौलपुर के 25918, डूंगरपुर के 19718, हनुमानगढ़ के 36979, जयपुर के 80100, जैसलमेर के 17584, जालोर के 38115 तथा झालावाड़ के 39115 उपभोक्ताओं के खातों में लाभ हस्तांतरित किया गया।
इसी प्रकार झुन्झुनूं के 47181, जोधपुर के 65767, करौली के 28460, कोटा के 27509, नागौर के 70517, पाली के 40731, प्रतापगढ़ के 15005, राजसमंद के 27873, सवाईमाधोपुर के 26499, सीकर के 61153, सिरोही के 18817, श्रीगंगानगर के 45200, टोंक के 38950 और उदयपुर के 51553 उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ का हस्तांतरण किया गया।
Updated on:
05 Jun 2023 03:37 pm
Published on:
05 Jun 2023 03:36 pm
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