
Rajasthan Ex CM Ashok Gehlot in Jodhpur
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने अपने गृह नगर जोधपुर में मीडिया से रूबरू होते हुए भारतीय जनता पार्टी, राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार और केंद्र की नीतियों पर तीखे राजनीतिक हमले बोले हैं। गहलोत ने दावा किया कि राजस्थान में अगली बार कांग्रेस पार्टी की सरकार बनना पूरी तरह से तय है। उन्होंने पत्रकारों को चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी या आरएसएस (RSS) के किसी भी व्यक्ति से अकेले में पूछेंगे तो वह भी यही स्वीकार करेगा। इसके साथ ही परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को 'फासिस्ट' करार देते हुए गहलोत ने एनडीए (NDA) में शामिल सहयोगी दलों को सतर्क रहने की चेतावनी दी।
जोधपुर में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने अपनी पिछली सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया और दावा किया कि राज्य की जनता कांग्रेस की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री जी या बीजेपी के लोग हाई कमान को खुश करने के लिए चाहे जो बोलें, लेकिन उनकी आत्मा जानती है। आप पत्रकारों से मेरा चैलेंज है, आरएसएस या बीजेपी के किसी आदमी से अकेले में पूछ लो, वो आपको सच बता देगा।"
गहलोत ने कहा कि राजस्थान के हर गांव में आज भी हमारी स्वास्थ्य, शिक्षा, अंग्रेजी माध्यम स्कूल और पेंशन योजनाओं की चर्चा हो रही है। गोविंद सिंह डोटासरा जब शिक्षा मंत्री थे, तभी महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल आए थे।
उन्होंने बताया कि पशुओं का फ्री इलाज और 40 हजार रुपये प्रति गाय मुआवजा देने वाली योजनाएं जनता कभी नहीं भूल सकती। लोग खुद कहते थे कि ऐसी योजनाएं आपके दिमाग में आती कैसे हैं।
केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं और देश के राजनीतिक हालात पर पूर्व मुख्यमंत्री ने गहरा अंदेशा जताया। गहलोत ने कहा कि देश में हालात बहुत गंभीर हैं। बीजेपी वालों का लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है और ये देश को पता नहीं कहां ले जाएंगे।
असम का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन को अपने हाथ में लेकर वहां कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया गया। अब ये पूरे देश में परिसीमन अपने हिसाब से करना चाहते हैं।
गहलोत ने कहा कि एनडीए में शामिल क्षेत्रीय पार्टियों को सोचना चाहिए। अकाली दल, ओडिशा की क्षेत्रीय पार्टियां, महाराष्ट्र में शिवसेना और बिहार में नीतीश कुमार का क्या हाल हुआ है, यह सबके सामने है। अगर परिसीमन इनके हाथ में आ गया, तो ये अपने ही पार्टनर्स को खत्म कर देंगे।
अशोक गहलोत ने तमाम विपक्षी पार्टियों से अपील की कि परिसीमन के इस कदम को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सत्ताधारी दल को इस तरह से फैसले लेने दिए गए तो देश में लोकतंत्र का ढांचा ही तबाह हो जाएगा।
Updated on:
03 Aug 2026 09:04 am
Published on:
03 Aug 2026 09:04 am
