5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विवादित ढांचा मामला : सीधे प्रसारण पर प्रशासकीय स्तर पर होगा विचार

अयोध्या विवादित ढांचा मामला(Ayodhya Case) : सीधे प्रसारण(Live Telecast) को लेकर प्रशासकीय स्तर पर होगा विचार। सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने याचिका को सूचीबद्ध करने से किया इनकार। मध्यस्थता प्रक्रिया विफल रहने पर मामले में नियमित सुनवाई मंगलवार से। कोर्ट ने कहा, आवश्यक उपकरण और व्यवस्था नहीं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) के विचारक के.एन. गोविंदाचार्य(Govindacharya) ने दायर की है याचिका(Pitition)।
2 min read
Google source verification
अयोध्या विवादित ढांचा मामला...नियमित सुनवाई आज से

अयोध्या विवादित ढांचा मामला...नियमित सुनवाई आज से


-सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सूचीबद्ध करने से किया इनकार

-मामले में नियमित सुनवाई आज से

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित ढांचा जमीन विवाद की सुनवाई के सीधे प्रसारण की मांग संबंधी याचिका को सूचीबद्ध करने से सोमवार को इनकार कर दिया, लेकिन इस मामले पर प्रशासकीय स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इस विवाद में मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन उसके विफल रहने के बाद छह अगस्त से इसकी नियमित सुनवाई होनी है।

-आवश्यक उपकरण और व्यवस्था नहीं : जस्टिस बोबडे

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक के. एन. गोङ्क्षवदाचार्य ने अयोध्या मामले की सुनवाई के सीधे प्रसारण की मांग की है। गोङ्क्षवदाचार्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास ङ्क्षसह ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की गैर-मौजूदगी के कारण दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख किया। न्यायाधीश बोबडे ने कहा कि सुनवाई के सीधे प्रसारण के लिए आवश्यक उपकरण और व्यवस्था न्यायालय के पास नहीं है। इस पर ङ्क्षसह ने कहा कि जब तक सीधे प्रसारण की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक कम से कम सुनवाई की रिकॉर्डिंग कराई जाए। सीधे प्रसारण पर बाद में विचार किया जा सकता है, लेकिन न्यायाधीश बोबडे ने मामले को सूचीबद्ध करने का आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने हालांकि ङ्क्षसह को आश्वस्त किया कि इस मामले पर प्रशासकीय स्तर पर विचार किया जायेगा।

-गोविंदाचार्य की याचिका और तर्क

गोविंदाचार्य ने अपनी याचिका में कहा है कि यह विषय लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत लोगों को जानने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में लोगों को यह जानने का अधिकार है कि अयोध्या स्थित विवादित ढांचा जमीन विवाद की सुनवाई में क्या हो रहा है? उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ मामला है और यह संभव नहीं कि सभी लोग न्यायालय में मौजूद होकर मामले की सुनवाई देख सकें। इसके सीधे प्रसारण के जरिए सभी लोगों को तत्काल सूचनाएं मिल सकेंगी।