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सावधान! WhatsApp पर आ रहा फर्जी RTO चालान APK, एक डाउनलोड ने कई लोगों को कंगाल कर दिया

Fake APK Download: राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम जागरूकता- एक गलत क्लिक आपकी मेहनत की कमाई छीन सकता है। फर्जी APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर रहे।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Apr 26, 2026

मोहित शर्मा.

RTO/e-Challan Scam: जयपुर. देशभर में इन दिनों RTO/e-Challan का स्कैम बहुत चल रहा है। अहमदाबाद में एक व्यक्ति ने फर्जी RTO APK डाउनलोड करके 10.7 लाख रुपए गंवा दिए। पुणे, हैदराबाद, नोएडा, छत्तीसगढ़ आदि में भी कई मामले सामने आए हैं। इन मामलों को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने एक्स पर पोस्ट में चेतावनी दी है कि आजकल जालसाज झूठे RTO/e-Challan की फर्जी APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल को हैक कर रहे हैं।

ऐसे करते हैं मोबाइल हैक

पुलिस के अनुसार, फर्जी मैसेज या लिंक के जरिए भेजी गई APK फाइल डाउनलोड करने पर हैकर आसानी से आपके मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लेते हैं। इसके बाद बैंक अकाउंट, OTP, पासवर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी चुराकर आपकी मेहनत की कमाई लूट ली जाती है। राजस्थान पुलिस का यह कदम नागरिकों को सशक्त बनाने और साइबर अपराधियों के खिलाफ सजगता बढ़ाने की दिशा में सराहनीय है।

राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है – “अनजान लिंक से कोई भी ऐप डाउनलोड न करें।” किसी भी प्रकार के चालान या RTO नोटिस की पुष्टि सबसे पहले संबंधित कार्यालय से करें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के माध्यम से ही भुगतान करें। बिना पुष्टि के किसी भी लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।

पोस्ट में आगे कहा गया है कि “आपकी सजगता, आपकी सुरक्षा है।” पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और ऐसे फर्जी मैसेज तुरंत डिलीट कर दें। साथ ही, यदि कोई ठगी का शिकार होता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

देशभर में चल रहा RTO/e-Challan का स्कैम

यह जागरूकता अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देशभर में RTO/e-Challan, IRCTC, बैंक अलर्ट और डिलीवरी संबंधी फर्जी मैसेज के जरिए साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषकर गर्मियों में लोग ऑनलाइन ज्यादा सक्रिय रहते हैं, जिसका फायदा ठग उठाते हैं।

देशभर में सामने आए में ऐसे मामले

देश के कई राज्यों में RTO/e-Challan के नाम पर फर्जी APK और लिंक भेजकर ठगी के मामले पहले भी सामने आए हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में पुलिस ने ऐसी कई चेतावनियां जारी की हैं। कुछ मामलों में लोगों के बैंक अकाउंट खाली कर दिए गए, जबकि कई ने मोबाइल हैक होने के बाद अपनी पूरी डिजिटल जानकारी खो दी। राजस्थान पुलिस लगातार साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैला रही है। हाल के महीनों में भी पुलिस ने कई फर्जी ऐप और लिंक के खिलाफ अलर्ट जारी किए हैं।

पुलिस ने दी सलाह

  • आधिकारिक वेबसाइट (parivahan.gov.in) से चालान चेक करें।
  • अनजान नंबर से आए मैसेज या व्हाट्सएप पर भेजी गई फाइल कभी न खोलें।
  • दो-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) चालू रखें।
  • शक होने पर तुरंत @RajPoliceHelp या 100/112 पर संपर्क करें।
  • झूठा RTO मैसेज आया? तुरंत डिलीट करें

ये मामले आए सामने

  • मुंबई/ठाणे (अप्रेल 2026) 61 वर्षीय सीनियर सिटीजन बिजनेसमैन (माजिवाड़ा, ठाणे) ने RTO e-Challan APK डाउनलोड किया। उसके बाद 20.16 लाख रुपए गंवाए।
  • वडोदरा (गुजरात) 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम चलाने वाले बिजनेसमैन दीपक ठक्कर ने WhatsApp पर RTO e-challan.apk इंस्टॉल किया। 34.75 लाख रुपए गंवाए।
  • साहिबाबाद (उत्तर प्रदेश) की 41 वर्षीय महिला प्रियंका कुलश्रेष्ठ ने फरवरी 2026 में RTO CHALLAN apk डाउनलोड किया और 6 लाख रुपए गंवाए
  • पिंपरी-चिंचवड़ (महाराष्ट्र) में एक व्यक्ति ने 5 लाख रुपए, दूसरे ने 2 लाख रुपए से अधिक गंवाए। पुलिस ने स्पेशल अलर्ट जारी किया। स्कैम दिसंबर 2025 से तेज हुआ।
  • हैदराबाद (तेलंगाना) में सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में तीन पीड़ितों ने 4.85 लाख रुपए (RTO Challan APK और PM Kisan APK से) गंवाए।
  • राजकोट (गुजरात) में एक शॉप ओनर/युवा ने 10.81 लाख रुपए गंवाए।
  • नासिक में 6 लाख, कोयंबटूर में 2.96 लाख और भुवनेश्वर में 7.5 लाख तक के मामले रिपोर्ट हुए हैं।
  • अहमदाबाद में 50 वर्षीय अकाउंटेंट निकोल ने हाल ही अप्रेल 2026 में एम्प्लॉयर के नंबर से RTO E-Challan.apk डाउनलोड किया और 10.7 लाख रुपए गंवाए।