रीलाइनिंग होने से लाखों किसानों को पेयजल और सिंचाई के लिए अधिक पानी मिल सकेगा। सरकार ने किसानों की मांग पर पिछली बार नहरबंदी नहीं की थी,लेकिन इस बार नहरबंदी कर रीलाइनिंग कर 4 हजार क्यूसेक तक पानी बढ़ाने की कवायद होगी ताकि भविष्य में किसानों को समस्या का सामना नहीं करना पड़े।