
जयपुर। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पूरा परिवार ही जालसाजी में लिप्त रहा। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में समेता की जगह डमी अभ्यर्थी बनी संगीता बिश्नोई की भाभी व भाई ने मध्यप्रदेश के एक विश्वविद्यालय से बैक डेट में बीपीएड की फर्जी डिग्री ली थी। एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि संगीता की भाभी विमला व सांचौर के राजीव नगर निवासी भाई हरदाना राम बिश्रोई एसआइ भर्ती परीक्षा में नहीं बैठे थे। भाभी व भाई फर्जीवाड़ा करके सरकारी पीटीआइ बने थे।
उन्होंने कहा कि आरोपी संगीता, भाभी विमला की जगह पीटीआइ भर्ती परीक्षा में बैठी थी और उसका चयन करवाया। जबकि हरदाना राम खुद पीटीआई भर्ती परीक्षा में बैठा था। अनुसंधान अधिकारी एएसपी भवानी शंकर ने बताया कि आरोपी विमला व हरदाना राम ने पीटीआई भर्ती परीक्षा के लिए किए गए आवेदन में बताया कि उन्होंने मध्य प्रदेश के सागर स्थित स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय से बीपीएड किया है।
विश्वविद्यालय ने बीपीएड का परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया है, परिणाम अब आएगा। परीक्षा में चयन होने के बाद दोनों ने कर्मचारी चयन बोर्ड को दस्तावेज के साथ मध्यप्रदेश के सत्यसाईं विश्वविद्यालय ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस की बीपीएड डिग्री दी। दोनों आरोपियों ने सत्यसाईं विश्वविद्यालय से बैक डेट में ली गई फर्जी डिग्री लगाई। ये सभी पेपर लीक करने वाली गैंग के सरगना जगदीश बिश्नोई के रिश्तेदार भी हैं।
अनुसंधान अधिकारी भवानी शंकर ने बताया कि मामले में संगीता की तलाश जारी है। विमला और उसके देवर हरदाना राम के खिलाफ दो आरोप हैं। पहला बैक डेट में डिग्री ली और वह भी फर्जी थी। वहीं विमला के खिलाफ बैक डेट, फर्जी डिग्री और डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा में चयन होने का आरोप है। हरदाना राम सांचौर व विमला बाड़मेर के सरकारी स्कूल में पीटीआइ बन गए थे। दोनों को उनके कार्यस्थल से पकड़ा था। दोनों अभी जेल में हैं। भाभी की गिरफ्तारी के बाद किशनगढ़ पीटीएस से प्रशिक्षण के दौरान भागी संगीता की तलाश जारी है।
Updated on:
15 May 2025 08:47 am
Published on:
15 May 2025 08:47 am
