
जयपुर
प्रतिबंधित बिटकॉइन (डिजिटल करन्सी) के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के आरोपी ने एक ही समय में दो अलग-अलग स्थानों पर अपने मित्रों को झांसा दिया। दिल्ली से रकम जयपुर के एक दोस्त के खाते में डलवा उसे निकाल ली। बाद में दिल्ली के अपने संपर्कों से बातचीत बंद कर दी। परेशान होकर पीडि़त पक्ष ने जयपुर के खाता मालिक के खिलाफ दिल्ली की क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज करवा दिया।
इस तरह लिया झांसे में
इधर, जयपुर में पीडि़त की शिकायत पर वैशाली नगर थाना पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। ठगी के शिकार खातीपुरा निवासी निशांत यादव (25) ने अपने ही दोस्त गिरनार कॉलोनी के दिवाकर मेहता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। उसका कहना है कि दिल्ली क्राइम ब्रांच के इशारे पर उसका सिरसी रोड स्थित एसबीआई खाता सीज कर दिया गया है। पीडि़त के अनुसार पिछले साल नवंबर में दिवाकर उससे मिला था। आरोपी ने उस समय कहा था कि उसने दिल्ली में महिला मित्रों को 6 लाख में बिटकॉइन बेचे हैं जिनका भुगतान आना है। लेकिन उसका फिलहाल कोई खाता नहीं है। ऐसे में निशांत ने अपने खाते में उक्त रकम शिफ्ट करवा ली। पिछले साल नवंबर से दिसंबर के बीच सात बार में दिल्ली निवासी युवतियों ने उसके खाते में 3.30 लाख रुपए शिफ्ट कर दिए।
सारी रकम शिफ्ट करवाई
पीडि़त के अनुसार आरोपी ने बाद में उसके खाते से धीरे-धीरे सारी रकम खुद के, अपनी मां नेहा मेहता के खाते में शिफ्ट करवा ली। ऑनलाइन खरीददारी के बिल भी उसीसे चुकवाए। कुछ रकम पेटीएम खाते में डलवाई।
दिल्ली से आया फोन
निशांत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इसी साल उसके मोबाइल पर कई बार दिल्ली की सुष्मिता का फोन आया। हर बार उसने किसी भानु का जिक्र किया। बाद में खुलासा हुआ कि दिवाकर ने ही दिल्ली में खुद को भानु बता रखा है। उसी के जरिए उसने युवतियों से सपंर्क बढ़ाया। युवती का कहना था कि भानु ने उससे 1.5 लाख रुपए ठग लिए। इसी तरह उसकी सहेली नलिनी से भी लाखों रुपए ले लिए। उसने 1.8 करोड़ रुपए मूल्य के उनके बिटकॉइन भी ले रखे हैं।
रकम तो आपको देनी होगी
मार्च में सुष्मिता ने पीडि़त को धमकाते हुए कहा कि उसने 3.30 लाख रुपए उसके एसबीआई स्थित खाते में शिफ्ट किए थे। उधर दिवाकर भी रकम मिलने के बाद से फोन नहीं उठा रहा। ऐसे में वह रकम अब उसे ही चुकानी होगी। बाद में युवतियों ने दिल्ली की क्राइम ब्रांच में निशांत के खिलाफ मामला दर्ज करवा उसका सिरसी रोड स्थित खाता भी बंद करवा दिया।
दोस्त हर बात पर कर रहा टालमटोल
पूरे मामले में दिवाकर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। उसी ने खाते में जानबूझकर रकम डलवाई। उसी ने बिटकॉइन के नाम पर ठगी की साजिश रची। पीडि़त का कहना है कि दोस्त ने झांसा देकर उसके खाते का गलत इस्तेमाल किया और उसे फंसा दिया।
Published on:
16 Jul 2018 04:02 am
