
Ashok Lahoti
जयपुर।
महापौर विष्णु लाटा व जिला प्रमुख मूलचंद मीणा के सरकारी वाहनों को चुनाव आचार संहिता लगने 20 दिन बाद भी अधिग्रहीत नहीं करने, जबकि भाजपा सांसदों को लगातार नोटिस देने को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला कलक्टर) जगरूप सिंह यादव (Jagroop Singh Yadav) आरोपों से घिर रहे हैं। भाजपा विधायक और पूर्व महापौर अशोक लाहोटी ने तो उन पर कांग्रेस के एजेंट होने का आरोप लगाया है। साथ ही सलाह दी है कि बेहतर है, यादव चुनाव ही लड़ लें। जवाब में यादव ने कहा, मैं किसी दल का सदस्य नहीं हंू।
कलक्ट्री में बिखरा है कांग्रेसी रंग : लाहोटी
लाहोटी ने आरोप लगाया, कलक्टर ने कलक्ट्री में कांग्रेसी महौल बना रखा है। आचार संहिता की पालना नहीं करा रहे। कलक्टर कांग्रेस के एजेंट और कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। सिर्फ भाजपा सांसदों को नोटिस दे रहे हैं, प्रधानमंत्री की फोटो पर कालिख पोत रहे हैं। इससे बेहतर है कलक्टरी छोडकऱ चुनाव ही लड़ लें, नेतागिरी करें। अब भी सडक़ों-पार्कों पर सरकार के होर्डिंग लगे हंैं।
नोटिस तो सभी दलों को दे रहे हैं : यादव
यादव ने कहा, बाजार में कई वाहन उपलब्ध हैं इसलिए महापौर और जिला प्रमुख के वाहनों के अधिग्रहण की जरूरत नहीं समझी। उन्हें गाड़ी का उपयोग नहीं करने का नोटिस दिया है। मैं किसी भी दल का सदस्य नहीं हूं। निष्पक्षता से काम कर रहा हूं। नोटिस सभी दलों को दिए जा रहे हैं। लाहोटी ही बता सकते हैं कि मैं कांग्रेस में कहां से आता हूं। मैं चुनाव लडऩे का कोई प्रयास नहीं कर रहा।
लाहोटी के तमतमाने, यादव पर आरोप लगने का कारण
पिछली बार: पिछले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगी तब तत्कालीन महापौर लाहोटी की सरकारी गाड़ी अधिग्रहीत कर जिला पूल गैराज में रखवा दी गई। जनहित से जुड़े कार्यों का हवाला देते हुए लाहोटी ने विरोध किया तो निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनके वाहन में जीपीएस लगवा दिया था।
इस बार: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगे 20 दिन हो गए लेकिन जिला निर्चाचन अधिकारी ने महापौर और जिला प्रमुख के वाहन अधिग्रहीत नहीं कराए हैं। दोनों के वाहन अब तक भी जिला पूल गैराज तक नहीं पहुंचे हैं। आचार संहिता लगने के बाद दोनों को महज नोटिस जारी कर चेताया गया है। वाहनों के उपयोग की मॉनिटरिंग तक नहीं की जा रही है।
Published on:
30 Mar 2019 09:34 am
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