
amit shah
जयपुर।
अशोक परनामी के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की घोषणा में हो रहे विलंब से कार्यकर्ताओं में मायूसी बढ़ रही है। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में शनिवार को भी उदासीनता का ही माहौल रहा। पांच दिन बाद भी नए अध्यक्ष को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं किए जाने से पार्टी में मतभेदों के कयासों को बल मिला है। अब तो बड़े नेता मोबाइल से भी कन्नी काटने लगे हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत विदेश दौरे से नई दिल्ली लौट आए हैं। शेखावत को नया प्रदेशाध्यक्ष तय माना जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नाराजगी के चलते घोषणा में विलंब हो रहा है। माना जा रहा है कि शेखावत को संघ का पूरा समर्थन है, लेकिन जाटों की नाराजगी की आशंका के आधार पर उनके नाम का विरोध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने समर्थकों को हिदायत दी बताते हैं कि ऐसा कोई वक्तव्य नहीं दें, जिससे संघ की खिलाफत का कोई संदेश जाता हो। शेखावत का जो विरोध कर रहे हैं, उनके विरोध को भी मुख्यमंत्री खेमा खारिज करके केंद्रीय नेतृत्व के प्रति निष्ठा जता रहा है।
कार्यकर्ताओं मेें बढ़ी बेचैनी
भाजपा में नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से घोषणा में हो रहे विलंब से पार्टी कार्यकर्ता अपने हिसाब से कयास लगा रहे हैं और चल रहे नाम के अनुरूप नए चुनावी समीकरण गढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रहे नाम की पुष्टि के लिए कार्यकर्ता बड़े नेताओं का मन टटोल रहे हैं, लेकिन बड़े नेता मोबाइल से ही कन्नी काटने लगे हैं।
वेबसाइट पर परनामी अध्यक्ष
प्रदेश भाजपा की वेबसाइट पर अभी अशोक परनामी के अध्यक्ष के रूप में ही दिखाया जा रहा है, जबकि उनका इस्तीफा 16 अप्रेल को ही हो गया। इस बीच वेबसाइट अपटेड भी होती रही, लेकिन उनके नाम और फोटो के आगे न तो कार्यकारी अध्यक्ष लिखा हुआ है और न ही पूर्व अध्यक्ष। गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्तियों में परनामी को पूर्व प्रदेशाध्यक्ष जरूर लिखा जाने लगा है।
Published on:
21 Apr 2018 06:59 pm
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