
जयपुर।
फिल्म आदिपुरुष का विवाद ने राजस्थान में भी ज़ोर पकड़ लिया है। सर्व ब्राह्मण महासभा एक अलावा कई अन्य धार्मिक और सामाजिक संगठन इस फिल्म के बॉयकॉट पर उतर आए हैं। विरोध कर रहे संगठन इस फिल्म के प्रदेश भर में तुरंत प्रभाव से बैन करने की पुरज़ोर आवाज़ उठाने लगे हैं। यही नहीं कुछ संगठन तो फिल्म बैन करवाने की मांग पर अदालत का दरवाज़ा तक खटखटा रहे हैं।
'देवी देवताओं के अपमान की साजिश'
सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने कहा है कि फिल्म आदिपुरुष के माध्यम से हनुमान जी और अन्य देवी देवताओं का अपमान करने की साजिश रची गई है। भद्दे कंप्यूटर ग्राफिक्स का उपयोग करते हुए रामायण ग्रंथ के पात्रों के साथ खिलवाड़ किया गया है। ये ग्रंथ हम लोगों का जीवन ग्रंथ है। राज्य सरकार से फिल्म पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगाने की मांग है।
'संवाद से लेकर पात्रों का लुक स्तरहीन'
विरोध कर रहे संगठनों की दलील ये भी है कि फिल्म के ज़्यादातर संवाद से लेकर पौराणिक पात्रों के लुक स्तरहीन हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। भगवान श्रीराम, हनुमान, सीता और रावण के किरदारों का अभद्र चित्रण किया गया है। साथ ही रामायण का भी अपमान किया गया है। ये देश के करोड़ों हिंदुओं की श्रद्धा के साथ खिलवाड़ हैै। धर्म और संस्कृति पर आधारित फिल्मों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं है।
पहले चेताया, अब कोर्ट जाएंगे
सर्व ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष पं सुरेश मिश्रा ने बताया कि फिल्म आदिपुरुष के निर्देशक ओम राउत को पिछले साल के अक्टूबर महीने में ही एडवोकेट कमलेश शर्मा ने नोटिस भेजा था। उस समय फिल्म के निर्देशक ओम राउत ने स्पष्टीकरण दिया था कि फिल्म में कुछ गलत नहीं होगा लेकिन उसके बाद जब ये फिल्म रिलीज हुई है तो रामायण के सारे पात्रों का मजाक उड़ाया गया है। ऐसे में अब पीएम नरेंद्र मोदी और राजस्थान सीएम अशोक गहलोत से फिल्म पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की गई है। आमजन से भी फिल्म का बायकाट करने की अपील की जा रही है। इस संदर्भ में सोमवार को कोर्ट में भी अपील लगाई जा रही है।
Published on:
19 Jun 2023 11:16 am
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