
डॉ. मनीष अग्रवाल। फोटो: पत्रिका
जयपुर। एक लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में जेल में बंद एसएमएस मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉ. मनीष अग्रवाल को अचानक एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जानकारी के अनुसार, जेल प्रशासन ने उन्हें सीने में दर्द की शिकायत बताकर अस्पताल भेजा था। हालांकि, जांच के बाद आरोपी डॉक्टर की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गई।
चौंकाने वाली बात यह है कि उनके भर्ती होने की जानकारी अस्पताल प्रशासन तक समय पर नहीं पहुंची, जिससे मेडिकल बोर्ड के गठन में भी देरी हो गई। अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि डॉ. अग्रवाल का इलाज वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विजय पाठक की देखरेख में किया जा रहा है। रात में मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि उन्हें भर्ती रखना या डिस्चार्ज करना है।
अस्पताल में आरोपी डॉक्टर की गुपचुप भर्ती की चर्चा दिनभर जारी रही। कई डॉक्टरों ने तंज कसा कि पहले तो कभी किसी बीमारी की बात नहीं सुनी… शायद डॉक्टर साहब दिवाली मनाने ही आए हैं।
डॉक्टर अग्रवाल अस्पताल में भर्ती हुए हैं, इससे ज्यादा मुझे जानकारी नहीं है। इस मामले में अधीक्षक ही बता पाएंगे।
-डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कालेज
डॉ. मनीष अग्रवाल की तबियत खराब होने पर एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया है। डॉक्टर उनकी जांच कर रहे है। अभी उन्हें छुट्टी नहीं मिली है।
-रूपेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जेल
Updated on:
20 Oct 2025, 8:07 AM IST
Published on:
20 Oct 2025, 8:07 AM IST
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