
Rajasthan Politics: भाजपा की ओर से भेजे गए अनुशासनहीनता के नोटिस पर कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपना जवाब दे दिया है। इसके बाद बुधवार को मीडिया के सवालों का मीणा ने नपा-तुला जवाब दिया। सरकार से नाराजगी पर मीणा ने कहा कि अगर मैं सरकार से नाराज होता तो इतना हंसता क्या ?
नोटिस के जवाब पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके बारे में आपको बता नहीं सकता। मैंने अपने जवाब से सरकार को संतुष्ट करने का प्रयास किया है। जासूसी के सवाल पर मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि जैसे मीडिया मेरी सभी बातें सुनती है। उनको रिकॉर्ड करती है। मेरे कहने का मतलब भी सिर्फ यही था। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी मेरे जवाब से संतुष्ट नहीं होती है तो मुझ पर एक्शन लेने का अधिकार सिर्फ प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को है।
उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे हमेशा उठाए जाएंगे। इससे पहले आरएएस मुख्य परीक्षा को आगे बढ़ाने के लिए जब अभ्यर्थियों ने राजस्थान विश्वविद्यालय के कैंपस परिसर में धरना दिया था। तब मैंने अभ्यर्थियों से मुलाकात की थी। इस मुद्दे को मुख्यमंत्री भजनलाल तक पहुंचाया था। इसके बाद परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाई गई थी। एक सवाल के जवाब में मीणा ने कहा कि आरपीएससी को भंग नहीं करना चाहिए, बल्कि उसके पुर्नगठन की जरूरत है।
गौरतलब है कि किरोड़ी लाल मीणा ने फोन टैपिंग और जासूसी का मुद्दा उठाया था। किरोड़ी लाल के बयानों के कारण कांग्रेस ने विधानसभा में भजनलाल सरकार को जमकर घेरा था। इसके बाद पार्टी हाईकमान एक्टिव हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मदन राठौड़ से इस बारे में चर्चा की थी, इसके बाद उन्हें नोटिस भेजा गया था। वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया था और कहा था कि संगठन अपने नियमों के अनुसार निर्णय लेता है।
Updated on:
12 Feb 2025 03:00 pm
Published on:
12 Feb 2025 01:56 pm
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