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अज्ञात बीमारी से हो रही मवेशियों की मौत, चिंता में पशुपालक

दूध की गिरती कीमतों ने जहां पशुपालकों की नींद उड़ा रखी है वहीं अज्ञात बीमारी से हो रही मवेशियों की मौतों ने चिंता में डाल दिया है।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 3 Jan 2018, 9:37 AM IST

Cattle death

गोविन्दगढ़। दूध की गिरती कीमतों ने जहां पशुपालकों की नींद उड़ा रखी है वहीं अज्ञात बीमारी से हो रही मवेशियों की मौतों ने चिंता में डाल दिया है। गोविन्दगढ़ के समीप खडोत्या की ढाणी में इस बीमारी के चलते 5 पशुओं की मौत हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार कस्बे के तातेड़ा मोड़ के समीप स्थित खडोत्या की ढाणी मेें कुछ ही देर मेें पशुओं ने दम तोड़ दिया। एक ही दिन मेें एक ही ढाणी मेें पांच मवेशियों की मौत होने के बाद पशुपालकों की चिन्ता बढ़ गई है।

नांगल कलां सरपंच मोहन लाल बुनकर ने बताया कि तातेड़ा मोड़ के समीप खडोत्या की ढाणी में रहने वाले पशुपालक कानाराम खडोत्या व सुजाराम खडोत्या के दो दुधारू भैंस सहित तीन अन्य मवेशियों की मौत हो गई जबकि दर्जनों पशुओं में बीमारी के लक्षण नजर आ रहे हैं, जिससे आसपास के पशुपालकों की चिन्ता बढ़ गई है।

चिकित्सीय टीम के सामने ही दम तोड़ा
स्थानीय निवासी सीताराम ने बताया कि मंगलवार सुबह दो मवेशियों ने चारा खाना छोड़ दिया। इस पर गोविन्दगढ़ पशु चिकित्सालय मेें सूचना दी। चिकित्सकों के पहुंचने से पहले ही दो पशुओं ने दम तोड़ दिया। इस पर चिकित्सक ने दूसरे मवेशियों का उपचार शुरू किया। इसी बीच टीम के सामने ही दो पशुओं की भी मौत हो गई। पशुपालकों ने बताया कि इस बीमारी की चपेट में आने के बाद पशु चारा खाना बंद कर देता है और कंपकपी होने लगती है। जमीन पर गिरकर कुछ ही समय में मवेशी दम तोड़ देता है ।

गोविन्दगढ़ पशु चिकित्सालय के नोडल अधिकारी डॉ. विनोद अग्रवाल ने बताया कि मौत के प्राथमिक लक्षण निमोनिया व एचएस फैक्टर के नजर आये हैं। पशुओं को सरसों के पत्ते खिला रहे थे जो सर्दी में नुकसान दायक रहता है।

इनका कहना है....
पशुओं मेें प्राथमिक लक्षण निमोनिया व एचएस फैक्टर इंफैक्शन के नजर आए हैं। पोस्टमार्टम में फैफड़ों के पास पानी भरा हुआ था, जो निमोनिया के लक्षण हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। ढाणी के सभी पशुओं का टीकाकरण कर दिया गया है।
- डॉ. विनोद अग्रवाल, पशु चिकित्सक।