
PKC-ERCP: बहुप्रतिक्षित पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (पीकेसी-ईआरसीपी) की विधिवत शुरुआत अगले माह करने की तैयारी है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अगले 15 से 20 दिन में बन जाएगी। इसके लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश के अफसरों की एक टीम लगातार दिल्ली में काम कर रही है। इनके साथ जलशक्ति मंत्रालय के अफसर भी सहयोग कर रहे हैं। यहां तक की जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि केन्द्र और राज्य दोनों सरकार चाह रही है कि लाेकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले ही काम रफ्तार पकड़े। इसी कारण राजस्थान के अलावा एक टीम दिल्ली में भी जमी हुई है। डीपीआर तैयार होते ही प्रधानमंत्री की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर साइन किए जाएंगे।
कैबिनेट की बैठक में रखेंगे प्रस्ताव
प्रोजेक्ट की लागत करीब 40 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। केन्द्र सरकार 90 प्रतिशत अनुदान देने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव जल्द ही केन्द्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में रखा जा सकता है। इस पर मुहर लगती है तो राजस्थान को केवल 4 हजार करोड़ रुपए ही देने होंगे। इसमें से भी राज्य सरकार अभी तक 1700 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। ऐसे में अब केवल 2300 करोड़ रुपए ही देने होंगे।
अभी तक यह काम
- नवनेरा बैराज- 86 प्रतिशत काम हुआ है
- ईसरदा बांध- 75 प्रतिशत काम किया गया है
किसके हिस्से कितना-पानी
- 3677 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी राजस्थान को मिलेगा
- 2089 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मध्यप्रदेश के हिस्से आएगा
इस तरह मिलेगा पानी
- कुंभराज बांध के नीचे पार्वती नदी महलपुर बैराज तक- 562.9
- कुल नदी पर रामगढ़ बैराज- 65.8
- कालीसिंध नदी नवनेरा बैराज तक- 1495.4
- मेज बैराज के पार- 159.0
- बनास नदी पर ईसरदा बांध- 577.2
- बनास नदी पर राठौड़ बैराज- 48.7
- बांस नदी पर डूंगरी बांध- 78.6
- लिंक के उपयोग के तहत उपलब्ध रिजनरेशन- 689
(मिलियन क्यूबिक मीटर में है)
Published on:
11 Feb 2024 11:24 am
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