
कोटपूतली-बहरोड़. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिले में सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कैंप और जन जागरूकता विशेष अभियान की शुरुआत की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान के महत्व पर जोर दिया।
आज से 31 मार्च तक चलने वाले इस अभियान की थीम 'जांच कराएं, सर्वाइकल को हराएं' रखी गई है। जिला कार्यक्रम समन्वयक (आयुष्मान योजना)रविकांत जांगिड़ ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत जिलेभर में नि:शुल्क स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित किए जाएंगे जहां महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
कैंसर से बचाव के लिए नियमित जांच जरूरी
सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने बताया कि डब्ल्यूएचओ-एनसीडी कंट्री प्रोफाइल-2014 के अनुसार भारत में 60त्न से अधिक मौतें गैर-संचारी रोगों के कारण होती हैं, जिनमें हृदय रोग, श्वसन संबंधी रोग, मधुमेह और कैंसर प्रमुख हैं। राजस्थान में ऑरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर सबसे अधिक मृत्यु का कारण बन रहे हैं। हर 7 मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर की वजह से अपनी जान गंवा रही है जो एक चिंताजनक स्थिति है।
डॉ. मंजू मौर्य और डॉ. सुमित्रा सिंह ने बताया कि शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता लगाकर उचित उपचार किया जाए तो मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। राजस्थान में कैंसर का बढ़ता प्रभाव गलत जीवनशैली, तंबाकू सेवन, असंतुलित खानपान और समय पर इलाज न मिलने के कारण है।
2030 तक कैंसर से मौतों को 1/3 तक कम करने का लक्ष्य
डॉ. सतीश अग्रवाल और डॉ. सुमन यादव ने बताया कि भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी लक्ष्यों के तहत 2030 तक कैंसर से होने वाली मौतों को 1/3 तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए समय पर जांच, जागरूकता और सही उपचार को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन डीएनओ रविकांत जांगिड़ ने किया।
Published on:
09 Mar 2025 12:35 pm
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