
Yamuna Water Agreement : राजस्थान के सीएम भजनलाल, हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी व साथ में हैं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल। फोटो राजस्थान के सीएम - X
Yamuna Water Agreement : राजस्थान और हरियाणा राज्यों और उनकी जनता के लिए बड़ी खबर। दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा व हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने यमुना जल समझौते से जुड़े मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद थे। इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद सीएम भजनलाल ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहाकि आज का दिन दोनों राज्यों के लिए एक बहुत अहम दिन है। एक ऐसा दिन जो इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा यह समझौता दोनों राज्यों के लाखों लोगों और आने वाली पीढ़ियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्य की जनता की ओर से, मैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं और उन्हें बधाई देता हूं।
सीएम भजनलाल ने कहाकि प्रधानमंत्री का हमेशा से यह मानना रहा है कि पानी सिर्फ़ एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और भविष्य की गारंटी है। मैं इसके एक बड़े उदाहरण के तौर पर नर्मदा परियोजना का ज़िक्र करना चाहूंगा। जब हमारे प्रधानमंत्री गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब राजस्थान की ओर से यमुना के पानी की कोई औपचारिक मांग नहीं की गई थी। हालांकि, उन्होंने राजस्थान की स्थिति को देखते हुए एक परियोजना तैयार की। एक ऐसी स्थिति जिसे गुजरात और हरियाणा दोनों अच्छी तरह समझते थे। साथ ही यह पहचाना कि उस क्षेत्र से लोगों का बड़े पैमाने पर पलायन मुख्य रूप से पानी के संकट के कारण हो रहा था। 2003 में, हमारे बिना मांगे ही, प्रधानमंत्री ने राजस्थान के बाड़मेर और जालौर ज़िलों के लिए नर्मदा का पानी आवंटित किया था।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा, ऊपरी यमुना बेसिन राज्यों के बीच यमुना के पानी के बंटवारे को लेकर 1994 में एक समझौता हुआ था। हालांकि, 32 वर्षों तक इसे लागू नहीं किया गया। पिछले कुछ वर्षों में इस मामले पर लगातार बातचीत और प्रयास किए गए हैं। हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के बीच 17 फरवरी, 2024 को हुई बैठक में, भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी के हस्तांतरण के लिए एक संयुक्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्णय लिया गया। 23 जून, 2026 को हुई बैठक के दौरान दोनों राज्यों के बीच परियोजना के कार्यान्वयन ढांचे पर सहमति बनी।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा, आज, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में एक समझौता ज्ञापन (MoA) के माध्यम से इसे औपचारिक रूप दिया गया है। इस परियोजना के तहत, मानसून के मौसम में राजस्थान के हिस्से का पानी हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पश्चिमी यमुना नहर प्रणाली से होते हुए आपूर्ति किया जाएगा। इससे राजस्थान के चूरू, सीकर, झुंझुनू और पानी की कमी वाले अन्य क्षेत्रों में पीने के पानी की जरूरतों के लिए दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित होगा।
Updated on:
29 Jun 2026 01:41 pm
Published on:
29 Jun 2026 01:24 pm
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