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राज्य में आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार की इन चीजों पर रहेगा पूरी तरह से प्रतिबंध

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जयपुर

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rohit sharma

Oct 06, 2018

जयपुर।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में विधानसभा चुनाव-2018 की घोषणा कर दी गई है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश की सभी दो सौ सीटों के लिए आगामी 7 दिसम्बर, 2018 को मतदान होगा तथा 11 दिसंबर को मतगणना होगी। राज्य में कुल 4 करोड़ 74 लाख, 79 हजार 402 से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। चुनाव घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने शनिवार को शासन सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रदेश में स्थानान्तरण एवं नियुक्तियों पर रोक लग गई है। अति आवश्यक होने पर राज्य सरकार निर्वाचन आयोग से मंजूरी लेने के बाद ही चुनाव से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्थानान्तरित कर सकेगी।

उन्होंने बताया कि दो सौ सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया के तहत 12 नवम्बर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा। राज्य में 19 नवम्बर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 20 नवम्बर को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 22 नवम्बर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि 07 दिसम्बर, शुक्रवार को मतदान होगा तथा 11 दिसम्बर को मतगणना करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण रूप से सम्पन्न हो जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों में 34 अनुसूचित जाति, 25 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, वहीं 141 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। विधानसभा चुनाव में सभी दो सौ सीटों पर केन्द्रीय पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया तथा उम्मीदवारों के खर्चे पर नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शांतिपूर्ण चुनाव के कानून एवं व्यवस्था के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।

कुमार ने बताया कि सरकारी वाहनों, हेलीकॉप्टर और विमान के चुनाव कार्यों में उपयोग पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकाशन सामग्री यथा पोस्टर, पैंफलेट आदि पर प्रकाशक और मुद्रक का नाम आवश्यक रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। ऎसा नहीं करने वाले प्रिंटिंग प्रेस स्वामियों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के तहत कार्यवाही की जाएगी।


2013 के मुकाबले बढ़े 67 लाख से अधिक मतदाता

उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 4 करोड़ 07 लाख 26 हजार 144 थी, जिसकी तुलना में इस विधानसभा चुनाव के लिए मतदाताओं सूचियों के अंतिम प्रकाशन के बाद 67 लाख 53 हजार से ज्यादा मतदाता बढ़े हैं।


प्रदेश में 4 करोड़ 74 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग

मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन के अनुसार राज्य में कुल 4 करोड़ 74 लाख, 79 हजार 402 मतदाता हैं। इसमें 2 करोड़, 47 लाख, 60 हजार, 755 पुरुष और 2 करोड़ 27 लाख 18 हजार 647 महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि 1 लाख 13 हजार 642 सर्विस मतदाता भी हैं। प्रदेश में कुल 51 हजार 796 मतदान केंद्र हैं, जिनमें 9 हजार 490 शहरी तथा 42 हजार 306 ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं।


सभी मतदान केंद्रों पर 7 अक्टूबर को विशेष अभियान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि राज्य के सभी मतदान केन्द्रो पर 7 अक्टूबर, रविवार को एक विशेष अभियान सुबह 9 से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत् आम नागरिको के लिए अन्तिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके तहत पात्र व्यक्ति का नाम जोड़ने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करने के कार्यवाही भी की जाएगी। इसके लिए एक जनवरी 2018 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाताओ को ही पात्र माना जाएगा।

राज्य के सभी मतदान केन्द्रो पर बी.एल.ओ. राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बी.एल.ए. के साथ सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उपस्थित रह कर इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्ति से आवेदन पत्र प्राप्त किये जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर इस विशेष अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, जिससे अभियान के दौरान राज्य के आम नागरिकों की सहभागिता अधिक से अधिक हो सके।


मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से की वार्ता

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ शासन सचिवालय में बैठक आयोजित कर उन्हें चुनाव कार्यक्रम तथा आदर्श आचार संहिता की जानकारी दे दी गई है। निर्वाचन विभाग ने सभी दलों से स्वतंत्र-निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान तथा आदर्श आचार संहिता का पालन करवाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया है।


सरकारी खर्चों पर उपलब्धियों का विज्ञापन निषेध रहेगा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के लागू होते ही सरकारी खर्चे पर सरकारी उपलब्धियों संबंधी विज्ञापन, होर्डिंग्स आदि को प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सरकारी/सार्वजनिक कोष से सरकार की उपलब्धियां दर्शाने संबंधी विज्ञापन, होर्डिंग्स, पोस्टर आदि नहीं लगाए जा सकते हैं। यदि लगाए गए हों तो उन्हें तुरंत प्रभाव से हटा लिया जाए एवं अविलंब इसकी पालना रिपोर्ट विभाग को प्रेषित की जाए। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों, इलेक्ट्रोनिक मीडिया या अन्य मीडिया के माध्यम से राजकीय कोष से सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किसी भी उपलब्धि बाबत् विज्ञापन एवं राजनैतिक प्रवृति के समाचार प्रसारित नहीं किए जाएं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राज्य, केन्द्र सरकार एवं इनके सार्वजनिक उपक्रमों की वेबसाइट से मंत्रियों, राजनैतिक व्यक्तियों अथवा दलों के संदर्भ, फोटो आदि यदि है तो उन्हें तुरन्त हटा लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी/सार्वजनिक भवनों में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं अन्य राजनैतिक व्यक्तियों (राष्ट्रपति, राज्यपाल, अतीत के विख्यात ऎतिहासिक पुरुषों, कवियों एवं राष्ट्रीय नेताओं को छोड़कर) के फोटोग्राफ नहीं लगाए जा सकते और यदि लगे हुए है तो उनको तुरन्त हटा लिया जाए।


आचार संहिता की पालना के लिए 614 दलों का गठन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही मतदाताओं को नगद, राशि, गिफ्ट आइटम्स जैसे साड़ी, धोती, कंबल आदि शराब नारकोटिक्स पदार्थ वितरित नहीं किए जा सकें इसके लिए पूरे राज्य में 614 उड़न दस्ते, आयकर विभाग, आबकारी विभाग, नारकोटिक्स विभाग, वाणिज्य कर विभाग के दल का गठन किया गया है। उड़न दस्ते प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सतत काम करेंगे। नकद राशि वितरण, धोती, कंबल, साड़ी आदि वितरण शराब एवं नारकोटिक्स पदाथोर्ं के वितरण की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के दल एवं उड़न दस्ता मौके पर जाकर तलाशी लेंगे और नकद राशि तथा सामान की जब्ती करेंगे।


चुनाव आयोग ने आम जन से अपील की है कि यात्रा करते समय अपने साथ अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में नकद राशि लेकर नहीं चलें। बड़ी मात्रा में नकद राशि मिलने पर अनावश्यक रूप से असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। उड़न दस्ता ऎसी राशि को जप्त कर सकता है और कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आमजन किसी भी राजनीतिक दल अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की सामग्री नगद राशि, शराब एवं अन्य पदार्थ स्वीकार नहीं करें। सामग्री एवं नगद राशि स्वीकार करना भारतीय दंड संहिता की धारा 171 बी के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें 1 वर्ष का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों से दंड किया जा सकता है।