
फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Ruckus in Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को बिगड़ती कानून-व्यवस्था और जामड़ोली के विमंदित गृह में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार में देरी के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की और सदन में कानून-व्यवस्था पर तत्काल चर्चा की मांग की। इस बीच, जामड़ोली के विमंदित गृह में हुई मौत को लेकर कांग्रेस विधायक रफीक खान और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शून्यकाल के दौरान बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने मांग की कि सदन में इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इसे BAC की बैठक में चर्चा के लिए टाल दिया।
स्पीकर के इस जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बीच शून्यकाल की कार्यवाही चलती रही।
जामड़ोली के विमंदित गृह में एक अज्ञात महिला की मौत के छह दिन बाद भी अंतिम संस्कार न होने का मुद्दा भी विधानसभा में गरमाया। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण मृतक महिला का अंतिम संस्कार समय पर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं हस्तक्षेप किया, तब जाकर अंतिम संस्कार हो सका।
इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सफाई दी कि विमंदित गृह में अज्ञात व्यक्तियों की मृत्यु के मामले में पहले उनकी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने नियम और सर्कुलर जारी किए हैं, जिनका पालन करने के कारण देरी हुई। इस जवाब पर कांग्रेस विधायकों ने असंतोष जताते हुए हंगामा किया।
प्रश्नकाल के दौरान एक अन्य घटनाक्रम में स्पीकर वासुदेव देवनानी ने संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को कड़ी फटकार लगाई। कांग्रेस विधायक सोहनलाल नायक ने चकबंदी का नोटिफिकेशन जारी करने में देरी का सवाल उठाया था। जवाब में पटेल ने कहा कि 21 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और नेता प्रतिपक्ष को इसे सुनना चाहिए। इस पर स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप जवाब नेता प्रतिपक्ष को दे रहे हैं? जवाब स्पीकर को संबोधित करें।
पटेल ने सफाई दी कि उनका जवाब स्पीकर को ही संबोधित था, लेकिन स्पीकर के इस तेवर ने सदन में चर्चा का माहौल गरमा दिया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक सवाल में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा से मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा मांगा। उन्होंने पूछा कि मंत्रीजी, आपने फैक्ट्रियों पर छापे मारे, कितने लोगों को जेल भेजा? जवाब में किरोड़ी मीणा ने कहा कि दो कंपनियों के गोदाम सील किए गए हैं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इजराइल-यूक्रेन युद्ध के कारण डीएपी की कमी आई है, लेकिन यूरिया की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है।
Updated on:
08 Sept 2025 01:34 pm
Published on:
08 Sept 2025 01:34 pm
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