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राजस्थान में 3 हजार से अधिक जर्जर स्कूल होंगे खाली, छुट्टियां खत्म होने से पहले किया जाएगा नए विद्यालय में शिफ्ट

राजस्थान में तीन हजार से अधिक सरकारी स्कूल के बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कार्यालय की ओर से आदेश जारी हुआ है, जिसमें बच्चों को शिफ्ट करने की जानकारी दी गई है।

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Rajasthan Over 3000 dilapidated government schools to be vacated students to be shifted before holidays end

schools shifted in Rajasthan (Patrika File Photo)

जयपुर: राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राज्य में 3 हजार 624 ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिनकी इमारतें बहुत पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को सुरक्षित स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कार्यालय ने मंगलवार को आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि बच्चों को जर्जर हालात वाले स्कूल से नए स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। बच्चों को नए स्कूल में ले जाने की तैयारी और बच्चों-अभिभावकों को सूचना देने का कार्य शुरू किया जाए। आगे कहा, स्कूलों की छुट्टी खत्म होने से पहले ये काम पूरा कर लिया जाएगा। अभी सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश चल रहा है।

पास के स्कूल में किया जाएगा शिफ्ट

छात्रों को पास के ही स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद अतिरिक्त स्टॉफ बच्चों के दाखिले, उपस्थिति और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई अनुपस्थिति या ड्रॉपआउट न हो। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि स्थानांतरित छात्रों के माता-पिता से संपर्क बनाए रखें, ताकि कोई ड्रॉपआउट की स्थिति न बने।

अभिभावकों से संपर्क के लिए बनाएंगे व्हाट्सएप ग्रुप

इसमें कहा गया है कि खासतौर पर जो बच्चे स्कूल आने में अनुपस्थित रहते हैं, उनके माता-पिता से संपर्क करने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। जिससे उनके माता-पिता से बात की जाएगी। इसी के साथ गांव या कस्बे के बड़े प्रभावशाली लोगों से भी सलाह ली जाएगी और उन्हें बताया जाएगा कि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे। इसलिए उन्हें सुरक्षित स्कूल में शिफ्ट किया जा रहा है।

हालांकि, शिक्षा मंत्री कार्यालय से ये आदेश जारी हो गए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से अभी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। छुट्टी के कारण बच्चों और शिक्षकों दोनों का होना मुश्किल है। इसलिए इन आदेशों को लागू करना थोड़ा कठिन हो सकता है।

बच्चों की जिम्मेदारी शिक्षकों की होगी

अगर जर्जर स्कूल में कुछ कमरे अभी भी सुरक्षित हैं और वहां पर अगर क्लास चल रही है, तो यह ध्यान रखा जाए कि बच्चे खतरनाक कमरों की तरफ बिल्कुल न जाएं। इन सारी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और पंचायत स्तर के प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों पर होगी। इसकी निगरानी खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे।