
schools shifted in Rajasthan (Patrika File Photo)
जयपुर: प्रदेश में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 212 जर्जर विद्यालय भवनों को अस्थायी रूप से नजदीकी सुरक्षित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। ये भवन विद्यार्थियों के लिए जोखिमपूर्ण माने गए हैं।
शीतकालीन अवकाश के दौरान शिफ्टिंग की योजना थी, लेकिन स्टॉफ के अवकाश पर होने के कारण अब यह प्रक्रिया अवकाश समाप्त होते ही शुरू की जाएगी। इसके लिए विभाग ने जर्जर विद्यालयों की विस्तृत सूची तैयार कर ली है।
शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में 502 जर्जर भवनों वाले विद्यालयों की पहचान की थी। इनमें से 212 विद्यालयों को नजदीकी सुरक्षित स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा, जबकि 290 विद्यालयों को फिलहाल उनके स्वयं के भवनों में ही संचालित किया जाएगा।
विशेष रूप से जर्जर भवन वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जिनका नामांकन 14 या उससे कम और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जिनका नामांकन 29 या उससे कम है, उनके विद्यार्थियों को निकटतम विद्यालय की उसी कक्षा के साथ शिक्षण कार्य में शामिल किया जाएगा, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
यदि जर्जर विद्यालय और नजदीकी विद्यालय दोनों में कक्षावार नामांकन अधिक हुआ, तो विद्यालयों को दो पारियों में संचालित किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में समान कक्षाएं एक ही पारी में चलाई जाएंगी। अंग्रेजी माध्यम के जर्जर विद्यालयों के विद्यार्थियों के स्थानांतरण की स्थिति में भी दो पारी व्यवस्था लागू की जाएगी।
जर्जर भवन वाले विद्यालयों के संस्था प्रधानों को समान कैडर के रिक्त पदों पर अन्यत्र पदस्थापित किया जाएगा। व्यवस्था पूरी होने तक सभी शिक्षकों व संस्था प्रधानों का वेतन पूर्ववत आहरित किया जाएगा। भविष्य में सुरक्षित भवन उपलब्ध होने पर विद्यालयों को पुनः उनके मूल भवनों में संचालित किया जाएगा।
बीकानेर जिले में 11 जर्जर भवन वाले विद्यालयों को नजदीकी सुरक्षित विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। इनमें महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय वार्ड 3 जैतपुर, कपूरीसर, रावनसर, नापासर, बादनूं, देराजसर, धनेऊ, पुनरासर, राजेडू, वार्ड 9 अगुणाबास उदासर और भगवानपुरा विद्यालय शामिल हैं।
Updated on:
01 Jan 2026 11:19 am
Published on:
31 Dec 2025 01:16 pm
