
शादाब अहमद / नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) ( Citizenship Amendment Act CAA ) के चलते देशभर में केन्द्र के खिलाफ शुरू हुए आंदोलनों को कांग्रेस और गति देगी। इसके लिए कांग्रेस विभिन्न राज्यों में बड़ी रैलियां करेगी। इसकी शुरुआत संसद के बजट सत्र से पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर से होने जा रही है। जहां 28 जनवरी को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) देश के मौजूदा हालात को लेकर बड़ी रैली को संबोधित करेंगे।
देश के अलग-अलग हिस्सों में सीएए के साथ एनपीआर और एनआरसी की आशंकाओं को लेकर विपक्षी दलों के अलावा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, छात्र संगठन और सिविल सोसायटी के प्रदर्शन चल रहे हैं। कांग्रेस की नजर इनसे जुड़े विद्यार्थियों और महिलाओं पर टिकी हुई है। कांग्रेस इसे भाजपा के खिलाफ बड़ा सियासी हथियार मानकर चल रही है। यही वजह है कि पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) ने विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए बैठक भी बुलाई थी। इस बैठक में पारित किए प्रस्तावों के आधार पर पार्टी अब आगे बढ़ रही है।
इसी कड़ी में कांग्रेस शासित राज्यों में सीएए के खिलाफ विधानसभाओं में प्रस्ताव पारित करवाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की कोशिश है कि आंदोलनों की गति मंद नहीं पडऩी चाहिए। साथ ही भाजपा को अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर भी लगातार घेरने की रणनीति कांग्रेस की है।
कांग्रेस प्रवक्ता नियमित प्रेस ब्रिफिंग में इन्हीं मुद्दों पर फोकस किए हुए हैं और साथ ही यह भी कह रहे हैं कि नागरिक, पार्टियां और राज्य दृढ़ता से सीएए का विरोध करते रहेंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भूमि अधिग्रहण (संशोधन) कानून, 2015 के खिलाफ कांग्रेस के निर्णायक आंदोलन के चलते मोदी सरकार को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा कई अन्य कानूनों में बदलाव पर भी कांग्रेस ने नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन चलाए।
Published on:
20 Jan 2020 06:23 pm
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