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जयपुरिया अस्पताल: चिकित्सा विभाग फिर दबाने में जुटा मामला, जांच रिपोर्ट आने से पहले ही दवा को दे दी थी क्लीन चिट

Jaipuria Hospital: जयपुरिया अस्पताल में दवा में अशुद्धि की सूचना मिलते ही एहतियातन लैक्टुलोज दवा के बैचों को औषधि भंडार गृह, जयपुर मेडिकल कॉलेज में होल्ड किया हुआ है।

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Cough-Syrup-Death-Case

प​त्रिका फाइल फोटो

Cough Syrup Death Case Update: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जयपुरिया अस्पताल में लैक्टुलोज दवा की शीशी में सेडिमेंटेशन स्वीकार करते हुए इसे आम समस्या बताकर पल्ला झाड़ लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने से पहले ही विभाग ने जयपुरिया अस्पताल प्रशासन के हवाले से बयान जारी किया है कि दवा में फंगस नहीं मिला।

जबकि जयपुरिया अस्पताल में दवा में अशुद्धि की सूचना मिलते ही एहतियातन लैक्टुलोज दवा के बैचों को औषधि भंडार गृह, जयपुर मेडिकल कॉलेज में होल्ड किया हुआ है। साथ ही जांच के लिए दवा का नमूना राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा गया है।

प्रदेश के कुछ जिलों में खांसी की सिरप से बच्चों की मौत और कई लोगों के बीमार होने के आरोपों के बाद भी दवा कंपनी को क्लीन चिट देते हुए मौत के लिए मां और परिजन को जिम्मेदर ठहराया गया था। जबकि सिरप के मामले में अब तक यह सवाल बना हुआ है कि एक साथ एक ही दवा के बैच में इतने मामलों में परिजन ने कैसे लापरवाही बरती।

जयपुरिया मामले की जांच रिपोर्ट जारी करते हुए अस्पताल प्रशासन ने कहा कि लिक्विड सोल्यूशन में सेडिमेंट सामान्य समस्या है। इस स्थिति के कारण इस तरह की दवाओं पर शेक वेल बिफोर यूज अंकित किया जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह दवा कब्ज से राहत के लिए उपयोग में आती है।