9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रचा नया इतिहास: खान व भूविज्ञान विभाग में 527 माइनर मिनरल प्लॉटों का किया ई-ऑक्शन

Rajasthan Mining : विभाग द्वारा रोडमेप बनाकर एक्सप्लोरेशन के साथ ही खनिजों के डेलिनियेशन कर प्लॉट तैयार करने और उनकी ई-नीलामी पर जोर दिया जा रहा है ताकि खनिजों के अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सके।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

Feb 03, 2025

Sand mining

जयपुर। राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने माइनर मिनरल प्लॉटों के ऑक्शन में भी नया इतिहास रच दिया है। प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष में अब तक माइनर मिनरल के 527 प्लाटों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इससे राज्य सरकार को 577 करोड़ 80 लाख रु. का प्रीमियम राशि का राजस्व मिलेगा।

प्रमुख शासन सचिव माइंस टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जोकि खान मंत्री भी है ने प्रदेश में माइनिंग सेक्टर के समग्र विकास पर जोर देते हुए खनिज खोज व मेजर व माइनर मिनरल के अधिक से अधिक ब्लॉक व प्लॉट तैयार कर ऑक्शन को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री का मानना है कि वैध खनन को बढ़ावा देकर ही अवैध खनन पर अंकुश संभव है।

अब तक 2636 प्लॉटों की ई-नीलामी

केंद्र सरकार के माइनिंग प्राबधानों के अनुसार 2017-18 से माइनिंग ब्लॉकों व प्लॉटों के ऑक्शन के ही प्रावधान किए गए। इसके बाद से ऑक्शन के नीलामी के प्रावधानों के बाद से राज्य में अब तक 4914 हैक्टेयर के 2536 माइनर ब्लॉकों का ऑक्शन किया गया है जिसमें से चालू वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक 527 प्लॉटों की भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से ई-नीलामी की जा चुकी है।

यह भी पढ़ें: हर किसान को मिलेगी 11 अंकों की अनोखी पहचान, बनेगी विशिष्ट फार्मर आईडी, अब शिविर की तारीखें तय

प्रदेश में माइनर मिनरल्स के विपुल भण्डार

निदेशक माइंस भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष में 1044 हैक्टेयर के 527 प्लाटों की नीलामी से राज्य सरकार को 40 प्रतिशत प्रीमियम राशि 231 करोड़ रु. इसी वित्तीय वर्ष में राजस्व के रुप में प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में सेंड स्टोन, मार्बल, मेसेनरी स्टोन, क्वार्टज, फेल्ड्सपार, सिलिका सेंड, क्र्वाटजाइट आदि माइनर मिनरल्स के विपुल भण्डार है। विभाग द्वारा रोडमेप बनाकर एक्सप्लोरेशन के साथ ही खनिजों के डेलिनियेशन कर प्लॉट तैयार करने और उनकी ई-नीलामी पर जोर दिया जा रहा है ताकि खनिजों के अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सके। मिनरल ब्लोम्कॅो व प्लॉटों की नीलामी से प्रदेश में माइनिंग सेक्टर में निवेश, रोजगार और रेवेन्यू के नित नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें: किसानों को दिन में बिजली के लिए करना होगा अभी दो साल और इंतजार