
जयपुर। साइबर क्राइम पर नकेल कसने के लिए इन दिनों राजस्थान पुलिस जुटी है। पिछले दो माह की ही बात की जाए तो करीब पांच हजार से अधिक मोबाइल तलाशे गए हैं। इन मोबाइल को चोरी व गुम हुए मालिकों को वापस लौटाया जा रहा है। इसका खुलासा खुद साइब क्राइम के डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने किया है।
प्रियदर्शी का कहना है कि प्रदेश में जुलाई-अगस्त माह में बड़ी संख्या में गुमशुदा मोबाइल को ट्रेस करने की सफलता के बाद इस प्रक्रिया को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
साइबर सेल ऐसे करती है काम
1-भारत सरकार के पोर्टल www.ceir.gov.in पर चोरी व गुम हुए और सन्दिग्ध मोबाइल का डाटा रहता है।
2-जब इन मोबाइल पर कोई व्यक्ति नई सिम डालकर प्रयोग करने की कोशिश करता है तो "अलर्ट" के रूप में उसकी लोकेशन नजदीकी थाने पर आ जाती है।
3-मोबाइल चोरी या गुम हो जाने पर उसकी गुमशुदगी नजदीकी थाने पर दे या राजस्थान पुलिस के पोर्टल पर इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराए।
4-इस कार्रर्वाई के बाद शिकायत का विवरण भारत सरकार के इस पोर्टल पर आवश्यक रूप से दर्ज करें।
मेवात इलाके में साइबर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश के मेवात क्षेत्र में चलाए गए "ऑपरेशन एंटीवायरस" में राजस्थान पुलिस ने भारत सरकार और दूरसंचार विभाग से समन्वय करते हुए 2.36 लाख सन्दिग्ध सिम एवं 2.29 लाख आईएमईआई नंबर ब्लॉक करवाए हैं।
मेवात क्षेत्र में अब घट रहे साइबर क्राइम
महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) साइबर अपराध एवं एससीआरबी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि प्रदेश में बढ़ रहे साइबर क्राइम को चैलेंज के रूप में लेते हुए राजस्थान पुलिस ने मेवात क्षेत्र में "ऑपरेशन एंटीवायरस" के तहत साइबर क्रिमिनल्स की डेटाबेस के आधार पर पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि इसके परिणाम स्वरुप मेवात क्षेत्र में साइबर क्राइम में भारी कमी दर्ज की गई है। आज से करीब 5-6 महीने देश के साइबर क्राइम का 18 प्रतिशत मेवात क्षेत्र में हो रहा था वह अब घटकर मात्र 5 प्रतिशत तक रह गया हैं।
साढे चार लाख सिम व मोबाइल हैंडसेट किए ब्लॉक
डीजीपी (साइबर अपराध) मेवात क्षेत्र में आपरेशन एंटी वायरस में प्रभावी कार्रवाई करते हुए ना सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, वरन उनके विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस वजह से अधिकांश आरोपियों की न्यायालय से जमानत नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त पुलिस ने 2.36 लाख के आसपास सन्दिग्ध सिम एवं करीब 2.29 लाख सन्दिग्ध आईएमईआई वाले मोबाइल हैंडसेट की पहचान कर भारत सरकार के डिपार्मेंट आफ कम्यूनिकेशन से संपर्क कर ब्लॉक करवाया गया है, जिसके कारण साइबर क्राइम के अपराध में कमी आई है।
Published on:
10 Sept 2024 10:11 am
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