
सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो: सोशल
जयपुर। जनगणना कार्य में लगने वाले प्रदेश के करीब दो लाख कर्मचारियों-अधिकारियों के जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक तबादले नहीं हो सकेंगे। इस बीच मंगलवार को यहां जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से जनगणना-2027 को लेकर वाट्सऐप चैनल का शुभारम्भ किया गया। जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने मंगलवार को यहां आयोजना विभाग के प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा की मौजूदगी में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में अगले साल अप्रेल से सितम्बर के बीच 30 दिन तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा और फरवरी 2027 में परिवारों से सम्बन्धित व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत में 1865 से 1872 के बीच पहली बार जनगणना हुई, लेकिन वह व्यवस्थित नहीं थी।
पहली व्यवस्थित जनगणना 1872 में हुई और 2027 में आजाद भारत की सातवीं जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि इस बार प्रगणक डिजिटल माध्यम से जनगणना की जानकारी दर्ज करेंगे, वहीं लोगों को भी स्वयं जनगणना की जानकारी भरने का विकल्प दिया जा रहा है।
गलत जानकारी देने वाले को जुर्माना या सजा से दंडित किया जा सकता है। कानून के अनुसार कोई व्यक्ति जनगणना से सम्बन्धित जानकारी देने से मना नहीं कर सकता। इस बार एनपीआर के लिए जानकारी नहीं जुटाई जाएगी। जल्द ही जनगणना के पहले चरण मकान सूचीकरण के लिए प्रश्नावली तैयार कर ली जाएगी।
Updated on:
13 Aug 2025, 9:07 AM IST
Published on:
13 Aug 2025, 9:07 AM IST
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