
सिंधी कैम्प से घर जाने वालों की भारी भीड़। फोटो पत्रिका
Diwali Update : जैसलमेर बस दुखांतिका के बाद नियम विरुद्ध संचालित स्लीपर बसों पर परिवहन विभाग की सख्ती के चलते स्लीपर बसों के पहिए थम गए हैं। जयपुर से चलने वाली करीब 1,000 बसों में से लगभग 500 बसों का संचालन कार्रवाई के डर से बंद हो गया है। इसका सीधा असर दिवाली पर घर जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है। लंबी दूरी के यात्रियों को बसों का टोटा झेलना पड़ रहा है और उन्हें मजबूरी में ट्रेनों व रोडवेज बसों में सफर करना पड़ रहा है। जयपुर जंक्शन पर यात्रीभार दो लाख तक पहुंच गया, वहीं सिंधी कैंप बस अड्डे पर बढ़ती भीड़ के कारण रोडवेज की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं।
शुक्रवार देर रात से ही सिंधी कैंप पर भीड़ उमड़ने लगी थी। शनिवार को बस स्टैंड पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। दिवाली पर रोडवेज बसें सौ फीसदी यात्रीभार के साथ चल रही हैं, लेकिन बसों की संख्या कम पड़ रही है। हालांकि, रोडवेज का दावा है कि त्योहारी सीजन में अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं। रोडवेज की लगभग 70 फीसदी बसों में आगरा की ओर जाने वाले यात्रियों की भीड़ रही। इस कारण रोडवेज ने सबसे अधिक अतिरिक्त बसें इसी मार्ग पर संचालित की हैं।
गांधीनगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री रोक दी गई है, जिससे केवल टिकटधारी यात्रियों को ही स्टेशन परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। यहां आरपीएफ अलर्ट मोड पर है। दुर्गापुरा स्टेशन पर जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट, दयोदय एक्सप्रेस और जोधपुर-इंदौर इंटरसिटी ट्रेन में सबसे अधिक भीड़ रही। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। जयपुर जंक्शन, खातीपुरा और सांगानेर से 13 जोड़ी त्योहार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। पूरे जोन में कुल 48 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं। साथ ही 10 से 28 अक्टूबर के बीच 60 जोड़ी ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं।
परिवहन विभाग की सख्ती पूरे प्रदेश में जारी है। हालांकि, यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बसों को सीज करने की कार्रवाई सीमित की गई है। केवल वे बसें सीज की जा रही हैं, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध संचालित हैं और जिनमें यात्रियों की सुरक्षा की अनदेखी की गई है। बाकी बसों के चालान बड़ी संख्या में बनाए जा रहे हैं। विभाग ने बस ऑपरेटरों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि नियम विरुद्ध बसों में मानकों के अनुरूप सुधार करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर से चलने वाली लगभग 500 बसों का संचालन बंद हो गया है। चालान और सीज की कार्रवाई के डर से बसें नहीं चल रही हैं। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। लोग अपने परिवारजन और रिश्तेदारों को मिठाई तक नहीं भिजवा पा रहे हैं।
राजेन्द्र शर्मा, अध्यक्ष, ऑल राजस्थान कांटेक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन
जो बसें यात्रियों की सुरक्षा के अनुरूप नहीं हैं, केवल उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है। अन्य बस ऑपरेटरों को मानकों के हिसाब से सुधार करने का अनुरोध किया गया है। यदि इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई होगी।
शुचि त्यागी, सचिव एवं आयुक्त, परिवहन विभाग
Updated on:
19 Oct 2025 10:06 am
Published on:
19 Oct 2025 10:06 am
