
जयपुर। राजधानी स्थित स्वास्थ्य निदेशालय में दो दिन पहले गर्भवती महिला डॉक्टर के साथ अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित की ओर से दुव्र्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को इस मामले मे अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ का प्रतिनिधिमंडल चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ से मिला। अभी तक इस पद पर से आरएएस अधिकारी को हटाकर डॉक्टर कैडर से नियुक्ति करने की मांग करते आ रहे संघ ने इस मामले के बाद अपनी मांग को भी बदल लिया। शनिवार को प्रतिनिधिमंडल ने आरएएस अधिकारी को निलंबित करने की मांग रख दी।
इस पर चिकित्सा मंत्री ने कहा कि आरएएस को हटाकर डॉक्टर को लगाने की मांग सरकार पहले ही मान चुकी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले को ज्यादा तूल नहीं दें, सरकार कुछ ही समय में आरएएस अधिकारी को हटाकर डॉक्टर की नियुक्ति कर देगी।
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यह था मामला
महिला चिकित्सक डॉ.आशा लता ने आरोप लगाया था कि वह अपने काम से निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित के पास गई थी। लेकिन वहां अधिक्रारी ने उनके साथ दुव्र्यवहार किया और बाड़मेर भेजने की धमकी भी दी। इसके बाद वह वहां धरने पर बैठ गई। वह गर्भवती है और इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उसकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें महिला चिकित्सालय ले जाया गया।
आंदोलन के बाद से ही बदला रवैया
इसके बाद अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अजय चौधरी ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों सेवारत चिकित्सक संघ के आंदोलन के समय संघ की मुख्य मांग इस पद पर से आरएएस अधिकारी को हटाकर डॉक्टर लगाने की मांग भी शामिल थी। चौधरी ने आरोप लगाया कि इसके बाद से ही इस तरह का माहौल चल रहा है।
Published on:
25 Nov 2017 04:22 pm

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