
बिजनेस पेज के लिए....सीमेंट उद्योग खो रहा सबसे कीमती सीजन, अब राहत की आस
जयपुर. कोरोना लॉक डाउन से देश के सबसे बड़े सीमेंट उत्पादक राजस्थान में इस उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली पहली तिमाही पर संकट के बादल छा गए हैं। जानकारों का कहना है कि बीते वित्तीय वर्ष के महत्वपूर्ण अंतिम दस दिन पहले ही लॉक डाउन की भेंट चढ़ गए। अब यदि ये लंबा चलता है तो सर्वाधिक मांग वाली नए वर्ष की पहली तिमाही भी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहेगी। हालांकि उद्योगपतियों की इस चिंता के बीच राहत की खबर यह है कि सतत प्रक्रिया की श्रेणी वाले इस उद्योग को अब सरकार जल्द ही कुछ शर्तों के साथ संचालन की अनुमति देने पर विचार कर रही है। सीमेंट उत्पादक कम्पनियों की भी यही मांग है कि सरकार को प्रदेश की माली हालात और अर्थव्यवस्था के संतुलन के लिए एहतियाती उपायों के साथ सीमेंट उद्योग को फिर से शुरु करना चाहिए।
अगली तिमाही रहेगी कमजोर
सीमेंट उत्पादन के जानकारों का मानना है कि इस उद्योग में बारिश का सीजन यानि दूसरी तिमाही बिक्री के लिहाज से कमजोर रहती है। ऐसे में वित्तीय वर्ष के अगले छह मही1नों में अप्रेल से लेकर जून तक के तीन महीने ही सबसे महत्वपूर्ण है। इन छह महीनों में प्रदेश में औसतन 9 मिलियन टन की मांग मानें तो करीब 5.50 मिलियन टन बिक्री शुरुआती तीन महीनों में होती है। मौजूदा हालात और लॉकडाउन पर बने संशय के चलते अब इसी तिमाही पर सर्वाधिक संकट आ गया है।
अंतिम दस दिनों में पिछड़े
प्रदेश में हर साल सीमेंट की कुल बाजार मांग औसतन करीब 21 मिलियन टन है। फरवरी तक यह 19.91 मि.टन पहुंच गई थी। बाजार को देखते हुए उत्पादक इसके बीते वित्तीय वर्ष में 21.75 मिलियन टन तक पहुंचने की आशा जता रहे थे। लेकिन मार्च के अंतिम दस दिनों में कोरोना संकट और लॉक डाउन के चलते ऐसा नहीं हो पाया।
इनका कहना है...
लॉकडाउन और बढ़ता है कि प्रदेश में 2020—21 की महत्वपूर्ण पहली तिमाही में भी सीमेंट उद्योग का संकट और गहरा जाएगा। सरकार को जल्द सभी सावधानियों के साथ इस उद्योग को फिर शुरु करने के उपाय करने चाहिएं।
कौशलेश माहेश्वरी, प्रेसिडेंट (मार्केटिंग), मंगलम सीमेंट
लगातार सीमेंट उत्पादक इकाइयों से बातचीत हो रही है। अगले एक दो दिन में इन्हें शुुरु करने के बारे में सरकार निर्णय कर सकती है।
डॉ.सुबोध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव— उद्योग विभाग
Published on:
15 Apr 2020 06:00 am
