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राजस्थान में ‘अंधड़ का कोहराम‘! कई जगह पेड़ गिरे, गाडिय़ां दबी, महिला चोटिल

अस्पताल के बाहर स्थित एक स्टाल पर पेड़ गिरने से वहां अफरा तफरी मच गई...

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जयपुर

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Dinesh Saini

May 08, 2018

dust storm

जयपुर। बीते बुधवार अलवर-भरतपुर और धौलपुर में मचे Dust Storm के तांडव से लोग उबरे भी नहीं थे, कि फिर से प्रदेश में 100 किलोमीटर की रफ्तार से अंधड़ का तांडव शुरू हो गया है। पाकिस्तान से आए अंधड़ ने प्रदेश का जनजीवन कुछ ही घंटों में अस्त-व्यस्त कर दिया। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही तेज हवा के साथ बारिश का दौर भी शुरू हो गया।

जयपुर
राजधानी जयपुर में सुबह आसमान साफ होने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन 8 बजते-बजते धूल का गुबार उठा और 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने से जिला प्रशासन में खलबली मच गई। जयपुर कलक्टर सिद्धार्थ महाजन ने स्कूलों की छुट्टी 10 बजे करवा दी। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर शाम 6 बजे तक घरों में ही रहने को कहा है। जयपुर में आंधी से एसएमएस अस्पताल के बाहर एक विशाल पेड़ गिर गया। सडक़ पर खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। एक महिला को हल्की चोट आई। अस्पताल के बाहर स्थित एक स्टाल पर पेड़ गिरने से वहां अफरा तफरी मच गई।

पुष्कर

पुष्कर में तेज हवा के साथ धूल भरी आंधी चली, कुछ समय बाद ही तेज बरसात हुई।

खाटूश्यामजी
खाटूश्यामजी क्षेत्र में श्याम बाबा मन्दिर के पास मुख्य मार्ग पर बिजली का पोल और सौ साल पुराना पीपल का पेड़ धराशायी हो गया। शादी के लिए लगाए गए टेंट भी गिर गए। कई जगहों पर टिनशेड, होर्डिंग आदि रास्तों पर गिर गए।

बूंदी
बूंदी शहर में सोमवार मध्य रात से ही तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया था जो मंगलवार सुबह तक जारी रहा। हवा के साथ आई धूल और मिट्टी ने यहां लोगों की परेशानी बढ़ा दी। जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। सडक़ों पर वाहन चालकों को भी धूल भरी हवाओं के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है। इधर प्रशासन ने तेज अंधड के चलते जिलेभर में अलर्ट जारी किया हुआ है । प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी। बूंदी की जिला कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम भी शुरू किया गया है। आने वाली किसी भी आपत्ति से निपटने के लिए पुलिस ने भी अपनी तैयारी की हुई है ।

सीकर
सीकर जिले के खंडेला में मंगलवार अलसुबह करीब 3 बजे आई तेज तुफान से करीब आधा दर्जन पेड़ धराशाही हो गए। कस्बे के बस स्टेण्ड पर स्थिति नेहरू पार्क में भी कई पेड़ टूट गए। टूटे हुए पेड़ वहां लगी नेहरु जी की प्रतिमा पर जा गिरे, जिससे नेहरू जी की प्रतिमा खंडित हो गई। मंगलवार सुबह सफाई कर्मी नेहरू पार्क में सफाई करने के लिए आए तो घटना का पता चला। कर्मचारियों ने इसकी सूचना कार्यवाहक सफाई निरीक्षक संजय शर्मा को दी। शर्मा ने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेकर नगर पालिका के उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद टूटी हुई प्रतिमा को नगर पालिका में ले जाकर रखवाया गया तथा प्रतिमा स्थल से टूटे हुए पेड़ों को हटाया गया।

जोधपुर
जोधपुर के बेलवा में सोमवार रात्रि आए बवंडर के बाद जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई जगहों पर लोगों के अस्थाई कच्चे छप्पर उड़ गए। वहीं बेलवा से बालेसर जाने वाले सडक़ मार्ग पर रावलगढ़ गांव में विशाल बबूल का पेड़ उखकर धराशाही हो गया। बबूल गिरने के बाद सडक़ मार्ग पर यातायात बाधित रहा। वाहन चालकों ने पास के खेत की तारबंदी तोडक़र वाहनों को जाम से निकाला। वहीं सुबह प्रशासन को जानकारी नहीं होने से कोई राहत नही मिल पाई है। रात्रि करीब 11:15 बजे 100 किमी प्रति घंटा की गति से आये अंधड़ से कई गांवो में पेड़ पौधों के भी धराशाही होने की सूचना है। गांवो में तूफान के बाद जमकर बारिश हुई। जिससे तापमान में गिरावट आने के साथ ही सुबह ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया। मंगलवार अलसुबह 5:30 से बारिश शुरू हो गई। क्षेत्र के बेलवा, गोपालसर, जियाबेरी, बस्तवा, जिनजिनयाला, उटाम्बर, घुडियाला, रावलगढ़, निम्बो का गांव में तूफानी बारिश हुई है।

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जैसलमेर
जैसलमेर पोकरण मे देर रात आए तूफान ने जमकर कहर बरपाया। धुल भरी तेज आंधी के चलते पोकरण उपखण्ड क्षेत्र में कई पेड़ धराशायी हो गये साथ ही टीन छप्पर उड़ गये । वहीं ग्रामीण ईलाकों में भी तूफान का भारी असर देखने को मिल रहा है। प्रदेशभर में तूफान के अलर्ट के साथ ही सरहदी क्षेत्र में तूफान ने देर रात दस्तक दी। सोमवार को दोपहर में मौसम के अचानक लगतार बदलाव देखने को मिला। वहीं रात होते-होते मौसम में अचानक बदलाव आया व श्याम के समय धूल भरी आंधी प्रारंभ हो गई। देर रात आंधी ने तूफान का रूप ले लिया व जिससे उपखण्ड क्षेत्र में कई पेड़ धराशायी हो गये व विधुत पोलो के साथ ही दुकानों के आगे लगे टिन छप्पर भी उड़ गये। वहीं तूफान के साथ आई बारिस से लोगों को राहत महसूस हुई। वहीं पोकरण शहर में भी तूफान के बाद भारी नुकसान देखने को मिला। दुकानों के आगे लगे टीन छप्पर, होर्डिंग्स, विधुत पोल धराशायी हो गये जिससे रात्री में बिजली गुल होने से गर्मी के मौसम में लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

अजमेर
पाकिस्तान की तरफ से आए रेतीले बवंडर का अजमेर तक भी असर दिखा। मंगलवार अलसुबह शहर में धूल हर तरफ छाई रही। सडक़ों, वाहनों और घरों में धूल जमी दिखी। बादलों की मौजूदगी के साथ सुबह हवा में ठंडापन भी रहा। इससे लोगों गर्मी से राहत मिली। अजमेर में तेज हवा के साथ बारिश हुई। अचानक मौसम खराब हो गया। साइन बोर्ड भी तेज हवा के कारण गिर गए। आना सागर चौपाटी के पास पेड़ गिर गया। गगवाना मे तेज हवाओं के साथ बरसात हुई। रुपनगढ, बाघसूरी, पुष्कर में तेज़ आँधी व धूल के ग़ुबार के बाद बूंदाबांदी हुई।

अंधड़ ने सोमवार शाम को पाकिस्तान से पश्चिमी राजस्थान में प्रवेश किया
अंधड़ ने सोमवार शाम को पाकिस्तान से पश्चिमी राजस्थान में प्रवेश किया। बीती रात लगभग 2.30 बजे राजधानी में एकाएक 100 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने लगी। सुबह तक हालात कुछ हद तक सामान्य हो गए, लेकिन आठ बजते-बजते एक बार फिर आंधी का दौर शुरू हो गया और 50 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी हवा चलने लगी। कई जगह सडक़ों पर लगे होर्डिंग्स उखड़ गए।