
Monsoon Update (Photo source- Patrika)
Monsoon Withdrawal: देश भर में बारिश का मुख्य मौसम माने जाने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई इस बार तीन दिन पहले शुरू हो गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी आरंभ हो गई है।
बता दें कि सामान्य तौर पर 17 सितंबर से इसकी विदाई प्रक्रिया शुरू होती है। लेकिन इस बार 15 सितंबर से ही यह क्रम शुरू हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पिछले दस वर्षों में सबसे जल्दी विदाई है।
आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून आज राजस्थान के कुछ हिस्सों से विदा हो गया है। अगले 2-3 दिनों में इसके और भी हिस्सों से विदाई लेने के साथ ही पंजाब और गुजरात के कुछ क्षेत्रों से भी हटने की संभावना है।
-पश्चिमी राजस्थान में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एंटी-साइक्लोनिक (प्रतिचक्रवातीय) परिसंचरण का विकसित होना।
-लगातार पांच दिन तक क्षेत्र में वर्षा न होना।
-मध्य क्षोभमंडल तक वायुमंडल में नमी की मात्रा कम होना।
बताते चलें, इस बार ये सभी शर्तें पूरी होने के बाद मानसून की विदाई की घोषणा की गई। फिलहाल, मानसून विदाई की रेखा श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर और बाड़मेर से होकर गुजर रही है।
पिछले साल मानसून की वापसी 23 सितंबर को शुरू हुई थी। जबकि 2023 में यह 25 सितंबर को आरंभ हुई थी। इस लिहाज से यह विदाई लगभग एक हफ्ता पहले हुई है। हालांकि, आईएमडी के महानिदेशक एम. मोहितर पाट्रा का कहना है कि विदाई लगभग सामान्य समय पर ही हुई है। हम इसे तभी घोषित करते हैं, जब बारिश बंद हो, नमी कम हो और प्रतिचक्रवाती हवाएं बनें।
इस साल मानसून ने 24 मई को केरल तट पर दस्तक दी थी, जो सामान्य से आठ दिन पहले था। इसके बाद यह बेहद तेज गति से आगे बढ़ा और कुछ ही दिनों में देश के बड़े हिस्से को ढक लिया।
-पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 20 प्रतिशत कमी, उत्तर-पश्चिम भारत में 32 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई।
-मध्य भारत में 11 प्रतिशत अधिक, वहीं, प्रायद्वीपीय भारत में 7 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि शुरुआती विदाई के बावजूद, कुल मिलाकर बारिश का आंकड़ा संतोषजनक है। यह खरीफ फसलों के लिए सकारात्मक संकेत है।
Updated on:
16 Sep 2025, 1:58 PM IST
Published on:
16 Sep 2025, 1:58 PM IST
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