
election 2018 Gehlot questioned CM Raje on various decision taken
जयपुर। वसुंधरा जी का कार्यकाल इतिहास में निकम्मी, नाकारा सरकार और कुशासन के रूप में याद किया जाएगा। जो हमारी योजना थी, उसे कमजोर करना ही इस सरकार की गलती थी। राजस्थान के former Chief Minister Ashok Gehlot (Rajasthan Former CM Ashok Gehlot) ने जयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ये बात कही।
गहलोत ने भामाशाह योजना (Bhamashah Yojna BSBY) को लेकर भी कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ये योजना लानी ही नहीं चाहिए थी, क्योंकि हमने जब स्कीम लागू की थी, तो उससे पहले हमने इसे आंध्रप्रदेश में स्टडी किया था। जहां भामाशाह योजना की तरह एक स्कीम चल रही थी। इस स्कीम में बहुत बड़े लेवल पर करप्शन था। इसमें पता ही नहीं पड़ता था कि किस स्तर पर कौन इलाज करवा रहा है, कहां करवा रहा है और फिर बिल पेश करो। इन सबमें डिफिकल्टी आ रही थी। करप्शन हो रहा था।
जिद पर आकर शुरू की योजना
पूर्व सीएम ने कहा कि बीजेपी सरकार ने अपनी जिद को पूरा करने के लिए इसे चालू किया। हमारी हर योजनाओं का नाम बदलना, काम बदलना, कमजोर करना, बस पांच साल तक यहीं काम सरकार ने किया। यही वजह रही कि इस योजना को ये लेकर आए। भामाशाह कार्ड पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए वो भी एक जांच का विषय है। ये कार्ड बनाया ही क्यों? आधार कार्ड (UIDAI) पहले से ही था। शुरू से ही करप्शन की बैल्ट चल चुकी है। मैं तो पहले से ही कह रहा था। अब नई बात आप बता रहे हो कि 106 करोड़ रूपये बकाया हैं। उन्होंने पॉलिसी खत्म कर दी है। हो सकता है कि वापस पेमेंट कर देने के बाद ये शुरू भी हो जाएगी। लेकिन अल्टीमेटली इसमें बहुत भारी करप्शन होता है और उस करप्शन को कोई रोक नहीं पाता है। इसलिए बेहद अनफॉर्चुनेट है इनके फैसले। वसुंधराजी के सभी फैसले बहुत अनफॉर्चुनेट रहे हैं।
अपने अनफॉर्चुनेट फैसले गौरव यात्रा के माध्यम से जनता को बताना आश्चर्यजनक
गहलोत ने आगे कहा कि आश्चर्य होता है कि गौरव यात्रा के माध्यम से ये अपने अनफॉर्चुनेट फैसले लोगों को बताने के लिए जा रहे हैं। जबकि तमाम बड़ी-बड़ी योजनाओं जैसे रिफाईनरी, मेट्रो, ब्रॉडगेज आदि को बंद किया गया। इन्हें बंद करने का फैसला लेना हमारी समझ से परे है। टोंक में ट्रेन आ रही थी। टोंक और करौली रेलवे से जुड़ रहे थे। दो जिला मुख्यालय आपस में जुड़ जाते, लेकिन वो होने नहीं दिया। जबकि सरमथुरा से गंगापुर सिटी वाया करौली का मैंने स्वयं शिलान्यास किया है। धौलपुर से सरमथुरा तक नैरो गेज बनी हुई है, तो प्रोजेक्ट ये कह कर रोक दिया कि तुम्हारे पास हैरिटेज है।
Updated on:
16 Sept 2018 03:48 pm
Published on:
16 Sept 2018 03:48 pm
