
बिजली फिर देगी तगड़ा झटका, बिजली दर बढ़ाने की तैयारी, घरेलू-कॉमर्शियल उपभोक्ता पर बढ़ेगा बोझ
भवनेश गुप्ता / जयपुर. बिजली बिल ( electric bill ) में जल्द और करंट दौड़ेगा। फ्यूल सरचार्ज के बाद डिस्कॉम्स ( discom ) ने विद्युत दर (टैरिफ) में बढ़ोत्तरी की तैयारी शुरू कर दी है, जो अधिकतम 10 से 11 फीसदी तक हो सकती है। इसमें फिक्स चार्ज भी बढ़ेगा। पहले राज्य सरकार और फिर विद्युत विनियामक आयोग ( electrical regulatory commission ) की मुहर लगती है तो 75 लाख से ज्यादा घरेलू व 15 लाख कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर सीधा भार पड़ेगा। हालांकि बीपीएल और 50 यूनिट प्रतिमाह तक उपभोग करने वालों को इस बढ़ोत्तरी से बाहर रखने की मंशा जताई है। ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या करीब 45 लाख है।
खास यह है कि औद्योगिक विद्युत दर घटाने पर भी फोकस है। इसमें भी उनके लिए दिन व रात में बिजली ( electricity ) की दर अलग-अलग रखने का सुझाव दिया गया है। रात में बिजली सप्लाइ दिन की अपेक्षा सस्ती होगी। इसके लिए टाइम ऑफ डे (टीओडी) कंसेप्ट अपनाया जाएगा। ऐसा होने पर राज्य में पहली बार होगा जबकि दिन और रात में बिजली की दर अलग-अलग रहेगी। बताया जा रहा है कि तीनों डिस्कॉम का 40 हजार करोड़ रुपए का घाटा और 11 हजार करोड़ रुपए सरकार के पास बकाया है।
सूत्रों के मुताबिक प्रस्ताव अभी सरकार के पास भेजा है, वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ( Rajasthan Electrical Regulatory Commission ) में भेजा जाएगा। यहां जनसुनवाई के बाद फैसला होगा। हालांकि विधानसभा सत्र के चलते फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहे हैं। संभव है कि विधानसभा सत्र के बाद ही आयोग में टैरिफ पीटिशन दायर की जाए। पिछली बार वर्ष 2016 में बिजली दर वृद्धि हुई थी।
यह है स्थिति
- 1.52 करोड़ कुल उपभोक्ता हैं राज्य में
- 45 लाख : बीपीएल व पचास लाख यूनिट उपभोग करने वाले दायरे से बाहर रखना प्रस्तावित
- 3.54 लाख : उद्योग श्रेणी (दर कम होगी)
- 14.41 लाख : कृषि उपभोक्ता (सरकार सब्सिडी देगी)
- 90 लाख उपभोक्ता बचे हैं जिन पर भार पड़ेगा (प्रस्तावित)
Published on:
13 Jul 2019 07:30 am
