
Energy Policy India: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि “हर घर-हर खेत” को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मियों के मौसम में बढ़ती विद्युत मांग के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पीक डिमांड अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश सरकार वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए विद्युत उत्पादन, प्रसारण और वितरण तंत्र को दूरदर्शिता के साथ सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्र को भी सुचारू रूप से बिजली मिलती रहे, इसके लिए ठोस योजना के तहत कार्य हो रहा है।
बैठक में उन्होंने विद्युत उत्पादन की सभी इकाइयों के संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रबी सीजन में किसानों और फरवरी से अब तक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति की है। आने वाले समय में बढ़ती मांग को देखते हुए वैकल्पिक उत्पादन स्रोतों को भी तैयार किया जाना जरूरी है।
शर्मा ने विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने पीएम कुसुम योजना के तहत राजस्थान को अतिरिक्त 5,000 मेगावाट का सौर ऊर्जा आवंटन प्रदान किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैटरी स्टोरेज सिस्टम लागू करने की दिशा में भी पहल करने के संकेत दिए।
उन्होंने ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, देखभाल और उपयोग संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत तंत्र की स्थायित्व और क्षमता को बनाए रखने के लिए नियमित रखरखाव अनिवार्य है।
बैठक में वित्त विभाग, राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम, प्रसारण निगम एवं वितरण निगमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Published on:
01 May 2025 08:47 am
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