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राजस्थान में ऊर्जा क्रांति: डेढ़ साल में 44 नए जीएसएस, 2027 तक सभी किसानों को दिन में बिजली का लक्ष्य

Solar Energy Rajasthan: राजस्थान बनेगा देश का पावर हब, नवीकरणीय ऊर्जा और प्रसारण तंत्र पर सरकार का बड़ा फोकस, ऊर्जा मंत्री का ऐलान: 5 साल में 200 नए ग्रिड सब स्टेशन, राजस्थान देगा 125 गीगावॉट का योगदान।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jun 29, 2025

free electricity formula

Photo- Patrika

Rajasthan Power Hub: जयपुर। राजस्थान सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में मजबूती से कदम बढ़ाते हुए प्रदेश को देश का "पावरहब" बनाने का संकल्प लिया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि बीते डेढ़ साल में 44 नए ग्रिड सब स्टेशन (GSS) स्थापित किए गए हैं और आगामी 5 वर्षों में कुल 200 नए जीएसएस लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोटा इंडस्ट्रियल एरिया में प्रस्तावित 220 केवी जीएसएस के निरीक्षण के दौरान नागर ने कहा कि 132 केवी जीएसएस को अपग्रेड करने की बजाय सीधे 220 केवी के नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिससे प्रसारण तंत्र और अधिक मजबूत होगा।

किसानों को 2027 से पहले दिन में बिजली

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुसार 2027 तक सभी किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य है। वर्तमान में 75 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली मिल रही है और शेष को जोड़ने के लिए तेजी से जीएसएस का विस्तार किया जा रहा है।


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नवीकरणीय ऊर्जा में भी बड़ा विस्तार

पिछले डेढ़ साल में सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पावर ग्रिड को पीक ऑवर्स में राहत मिलने के साथ-साथ सस्ती व पर्याप्त बिजली भी मिल सकेगी। राजस्थान सरकार ने NTPC और कोल इंडिया के साथ 2060 करोड़ रुपए के एमओयू भी किए हैं।

केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट उत्पादन क्षमता का है, जिसमें से 125 गीगावॉट राजस्थान से मिलने की संभावना है। नागर ने कहा कि तेज गति से स्वीकृत हो रही परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना प्राथमिकता है।

यह है राजस्थान सरकार का उद्वेश्य

राजस्थान सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में राज्य ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण और वितरण में आत्मनिर्भर होकर देश का अग्रणी राज्य बने। तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास और सौर-पवन ऊर्जा पर जोर देकर प्रदेश को पावर हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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