
ERCP Project Big Update :राजस्थान की महत्वकांक्षी पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना का शिलान्यास 15 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर सकते हैं। राज्य सरकार इसी आधार पर तैयारी कर रही है। शिलान्यास कार्यक्रम के लिए सवाईमाधोपुर के खंडार तहसील के डूंगरी और टोंक इलाके को चिह्नित किया है। हालांकि राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने वाले कार्यक्रम से भी ऑनलाइन शिलान्यास किया जा सकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने नेता प्रतिपक्ष के ईआरसीपी पर दिए बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कांग्रेसी बयानवीर ईआरसीपी पर झूठे बयानों से जनता को गुमराह नहीं करें। भजनलाल सरकार ईआरसीपी के सपने को साकार करने का कार्य कर रही है और जल्द ही शिलान्यास होने जा रहा है।
ERCP परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को लाभ पहुंचेगा। इस परियोजना से करीब 2.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की संभावना है। इस योजना पर 40 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। योजना से लाभान्वित होने वाले जिलों में अलवर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, भरतपुर, धौलपुर और करौली शामिल हैं।
पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (पीकेसी-ईआरसीपी) के पहले बांध नौनेरा बनकर तैयार है। सितंबर में इस बांध की भराव क्षमता की टेस्टिंग की गई। 217 मीटर भराव क्षमता वाले इस बांध में 210 मीटर से अधिक जलभराव किया गया। इस दौरान बांध में जल भराव स्तर, डूब क्षेत्र सहित गेटों का परीक्षण किया गया। बांध में कुल 226 मिलियन घन मीटर पानी का संग्रहण किया जाएगा।
Updated on:
23 Nov 2024 12:05 pm
Published on:
23 Nov 2024 12:05 pm
