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Aaj Ka Rashifal 2 July : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्‍योतिषाचार्य, पढ़ें अभी सिर्फ पत्रिका में

यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।

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जयपुर

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Riya Kalra

Jul 01, 2023

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ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

अंकगणित - अंक ज्योतिष के अनुसार आज का मूलांक दो है। इसके साथ ही आज का भाग्य 7 है जोकि एक और 6 के सहयोग से बना है। आज के दिन में उत्साह आनंद भावनात्मक तीव्रता के साथ संगीत नृत्य नाट्यकला आदि के लिए भरपूर ऊर्जा उपलब्ध रहेगी। आज का दिन विभिन्न प्रकार के कार्यों और उनसे जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा का दिन है। ऐसे में बिना तनाव के सकारात्मकता के साथ कार्य किए जाने पर लगभग सभी प्रकार के कार्यों में आगे बढ़ने के योग विद्यमान है। मूलांक 1 दो 3 5 और साथ वालों के लिए आज का दिन विशेष रूप से अच्छा रहने की संभावना है।

सनसाइन के अनुसार आज का दिन कार्यस्थल पर बेहद तेज गति से सभी कार्यों के संचालन में गुजरेगा आप जी सहयोग और कार्यक्रम में विशेष रूप से बेहतर रहने की संभावना है। पुरानी कटुता को भूलकर विरोधी भी किसी एक कार्य की सफलता के उद्देश्य से एक मंच पर दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में उन सभी कार्यों को निपटा लें जो एक दूसरे के विरोध के कारण पेंडिंग पड़े हो।

मून साइन के अनुसार आज का दिन भावनात्मक मुद्दों के लिए विशेष रूप से सफलता वाला दिन सिद्ध हो सकता है। जहां एक और कल्पनाएं अपनी मैक्सिमम ऊंचाई पर होंगी। वही उन को साकार करने की इच्छा शक्ति और दृढ़ता भी आज के दिन उपलब्ध रहेगी। ऐसे में साथी के साथ आज एक आनंद दाई दिन हो सकता है। बस आप तर्क वितर्क में ना उलझे।

रिश्ते संबंधों का राशिफल- रिश्ते संबंधों के लिए आने वाला सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। अपेक्षाएं अपने चरम पर हो सकती हैं। छोटी छोटी बातें एक दूसरे के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में बिना तर्क वितर्क के केवल भावनाओं और केयर से जुड़ी वार्तालाप संबंधों को और मजबूत करेगी। वही ही एक दूसरे की पसंद और नापसंद पर टिप्पणी करना संबंधों के लिए नकारात्मक प्रभाव वाला हो सकता है। सप्ताह का प्रथम भाग उत्साह और आनंद से भरा हुआ रहने की संभावना है। सप्ताह का मध्य भाग आपसी तर्क वितर्क के कारण थोड़ी समस्या वाला हो सकता है। सप्ताह का अंतिम भाग आर्थिक और भावनात्मक सहयोग का रहने की संभावना है।

टैरो कार्ड में आज का कार्ड चेरियट इसके मायने हैं। आज सफलता का दिन है आज कोशिश करने पर उन चीजों में भी सफल हो सकते हैं। जिनमें पिछले दिनों आपको कठिनाइयां हुई थी। आज आगे के लिए भी आप योजना बना सकते हैं। साथ में अपने खुद को आगे रखते हुए मी फर्स्ट की भावना के साथ अगर आगे बढ़ेंगे तो पिछले दिनों के तनाव को दूर कर पाएंगे व्यवस्थाओं पर पूरा नियंत्रण आपके लिए अधिक फायदेमंद साबित होगा।

आपका सवाल: मंदिर और घर में पूजा करने का फर्क क्या है?

मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित देवताओं की पूजा करने और घर में पूजा करने में बहुत अंतर मंदिर में की गई पूजा एक सामूहिक सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को अपने अंदर समाहित करने के समान है। और घर में की गई पूजा एकाग्रता और ध्यान की स्थिति के उन्नति में किए गए प्रयास को आगे बढ़ाने में सफलता देने वाली सिद्ध हो सकती है। मंदिर में पूजा करने और घर में पूजा करने मैं उतना ही अंतर है। जितना किसी धार्मिक स्थल पर पवित्र नदी में स्नान करने और घर पर स्नानघर में नहाने में हो सकता है।

आज का दैनिक राशिफल ज्यो पं चंदन श्याम नारायाण व्यास पंचांगकर्ता के साथ

मेष:- लम्बे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद का आज अंतिम दिन है। महत्त्वपूर्ण कार्य निपटाने में लगे रहेंगे। छात्रों के लिए समय मेहनत करने वाला है। ज्यादा घमंड से नुकसान होगा।

वृषभ:- कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। नौकरी की तलाश में भटकना पड़ेगा। जितना सोचते हैं उतना ही करने पर ध्यान दें। जीवन साथी का सहयोग मिलेगा। भूमि भवन क्रय करने में पूजी लगानी पड़ सकती है।

मिथुन:- असमंजस की स्थिति से आप गुजर रहे है। शांति से फैसले लें। जल्दबाजी में कोई भी कार्य न करें। वाहन क्रय करने का मन बना रहे हैं। अपनी सोच को बदले लाभ होगा। मित्रों से मुलाकात मन प्रफुल्लित करेगी।

कर्क:- आप दूसरो के लिए बुरा न सोचें। अपने आहार पर नियंत्रण रखें। पेट सम्बन्धित रोग संभव। समय कम और काम ज्यादा है। मन लगाकर अपने कार्य में लग जाए। सफलता मिलेगी। मनचाहा जीवन साथी मिलने से मन प्रसन्न होगा।

सिंह:- जो करना चाहिये वो करें। फ़ालतू समय बर्बाद न करें। दूसरो की सीख में अपना नुकसान कर बैठेंगे। शान्ति से विचार कर ही निर्णय लें। आजीविका के स्त्रोत में वृद्दि के आसार है। पूराने निवेश से लाभ होगा।

कन्या:- कार्य की अधिकता के कारण ।जरुरी कार्य पुरे नहीं हो सकेंगे। उन्नति के पथ पर अग्रसर होंगे। अधिकारी वर्ग के लिए समय उत्तम है। दान पुण्य से मन को शांति मिलेगी।

तुला:- अपने वाक् चातुर से कार्य बना लेंगे। व्यापार व्यवसाय में यश कीर्ति की वृद्दि होगी। खेल जगत से जुड़े जातकों के लिए समय श्रेष्ठ है। यात्रा से लाभ संभव है। समय पर कार्य करना सीखें ।

वृश्चिक:- वर्तमान समय शुभ फल देने वाला है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। बने काम बिगड़ सकते हैं। अपनी सोच को बदले न की दूसरो को बदलने की कोशीश करें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। इष्ट आराधना सहयाक होगी।



धनु:- संतान के विवाह की चिंता रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पूंजी निवेश से लाभ संभव। राज कार्य से जुड़े जातकों के लिए समय मिश्रित फलदायी है।अपने अधिकारों का गलत प्रयोग न करें। अन्यथा नुकसान हो सकता है।



मकर:- व्यापार विस्तार की योजना सफल होगी। स्वस्थ रहें मस्त रहें। व्यर्थ चिंता छोड़ दें। खाद्य पदार्थ से जुड़े जातकों के लिए समय अति श्रेष्ट है। समय रहते पूंजी निवेश कर दें। शत्रु वर्ग सक्रीय होगा।



कुम्भ:- आप के व्यवहार से सहकर्मी खुश होंगे। जीवन में नई उड़ान भरने का समय आया है। इसका लाभ लें। परिजन से भेट होगी। अनायास खर्च हो सकता है। समाजिक कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे।



मीन:- धनकोष में वृद्धि होगी। अपने करियर के प्रति गंभीर निर्णय लें।आत्मविश्वास की कमी के कारण गलत फैसले ले सकते हैं। मन में कई दुविधाएं चल रही है। आध्यात्मिक बल से लाभ होगा।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पंडित घनश्यामलाल स्वर्णकार के साथ

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रविवार, 02,जुलाई 2023
शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1444
मु.मास: जिलहिज-13
अयन: दक्षिणायण
ऋतु: वर्षा
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल
शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज मूल नक्षत्र में सगाई व रोका आदि के यथाआवश्यक शुभ मुहूर्त हैं।
श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: 07-23 से दोपहर 12-31 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा दोपहर बाद 02-13 से अपराह्न 03-56 तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12-03 से दोपहर 12-58 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम है।
आज जन्म लेने वाले बच्चे: आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (यी, यू, ये, यो, भ, भी) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। दोपहर बाद 01-18 तक जन्मे जातकों की जन्म राशि वृश्चिक व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि धनु है। वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल व धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। इनका जन्म ताम्रपाद से है। सामान्यत: ये जातक बुद्धिमान, चतुर, सभी कार्यों में होशियार, कलाकार, बहु मित्रों वाले, व्यसन ग्रस्त और छिद्रान्वेषी होते हैं। 25 वर्ष की आयु के बाद इनका भाग्योदय धीरे-धीरे होना प्रारम्भ होता है। वृश्चिक राशि वाले जातकों को अपनी वाणी व व्यवहार पर नियन्त्रण रखते हुए आगे बढऩा चाहिए। सभी कार्य सिद्ध होंगे।
शुभ तिथि: चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि 08-22 तक, तदन्तर पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जायेगी। चतुर्दशी तिथि में अग्नि विषादिक असद कार्य बन्धन, शत्रुमर्दन तथा शस्त्रादि दूषित कार्य सिद्ध होते हैं। क्षौर और यात्रा का त्याग करना चाहिए। पूर्णिमा तिथि में सभी मांगलिक व अलंकारादिक कार्य शुभ होते हैं।
नक्षत्र: ज्येष्ठा ‘‘तीक्ष्ण व तिङर््यंमुख’’ संज्ञक नक्षत्र दोपहर बाद 01-18 तक, तदन्तर मूल ‘‘तीक्ष्ण व अधोमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। ज्येष्ठा व मूल दोनों गण्डात मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। ज्येष्ठा नक्षत्र में शत्रुवध, भेद, प्रहार, लोहा, कारीगरी, अक्षरारम्भ, जड़ूला आदि और मूल नक्षत्र में कुआं, तालाब, वास्तु, शान्ति व विवाहादि कार्य शुभ व सिद्ध होते हंै।
योग: शुक्ल नामक नैसर्गिक शुभ योग सायं 07-26 तक, तदुपरान्त ब्रह्म नामक नैसर्गिक शुभ योग है।
विशिष्ट योग: रवियोग सूर्योदय से दोपहर बाद 01-18 तक व सर्वार्थ सिद्धि नामक शुभ योग दोपहर बाद 01-18 से अगले दिन सूर्योदय तक है।

करण: भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण प्रात: 06-45 तक, तदन्तर बव व बालवादि करण क्रमश: हैं।
व्रतोत्सव: आज चान्द्र पूर्णिमा व्रत, चौमासी चौदस (जैन) शिवशयन चतुर्दशी व उत्सव (उड़ी), मेला ज्वालामुखी दो दिन का प्रारम्भ (कश्मीर), कोकिला व्रत प्रारम्भ तथा गण्डमूल सम्पूर्ण दिवारात्रि।
चन्द्रमा: चन्द्रमा दोपहर 01-18 तक वृश्चिक राशि में तथा इसके बाद धनु राशि में रहेगा।
दिशाशूल: रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दोपहर बाद 01-18 तक उत्तर दिशा की व इसके बाद पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।
राहुकाल (मध्यममान से): सायं 4-30 बजे से सायं 6-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

वारकृत्य कार्य: रविवार को सामान्यत: राज्याभिषेक, उत्सव (गाना-बजाना) नई सवारी का प्रयोग, यात्रा, नौकरी, पशु क्रय-विक्रय, शिक्षा-दीक्षा, औषध व जड़ी-बूटी का संग्रह करना, उनका प्रयोग तथा यज्ञादि मन्त्रोपदेश आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

व्रतोत्सव
सोमवार-3,जुलाई: पूर्णिमा, आषाढ़ी, सत्यव्रत, गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा, मन्वादि, वायु परीक्षा सायं 07-21 पर, अष्टानिका महापर्व समाप्त (जैन), अमरनाथ यात्रा प्रारम्भ, चातुर्मास सन्यासियों का प्रारम्भ तथा गण्डमूल पूर्वाह्न 11-02 तक।
मंगलवार-4,जुलाई: अशून्य शयन व्रत, स्वामी विवेकानन्द पुण्य दिवस, मंगला गौरी पूजा, जया पार्वती व्रत जागरण (गुजरात)।
बुधवार-5,जुलाई: वैधृति पुण्यं, जयापार्वती व्रत पारणा (गुजरात), गुरु गोविन्द सिंह जयन्ती (नवीन मत से)।
गुरुवार-6,जुलाई: चतुर्थी व्रत (चन्द्रोदय रात्रि 10-16 पर जयपुर राज. में) तथा पंचक प्रारम्भ दोपहर बाद 01-38 से।
शुक्रवार-7,जुलाई: नाग पंचमी (राजस्थान), मेला नाग पंचमी व हरदेव पूजा जयपुर (राज.) तथा पंचक सम्पूर्ण दिवारात्रि।
शनिवार-8,जुलाई: पंचक सम्पूर्ण दिवारात्रि।
रविवार-9,जुलाई: कालाष्टमी पंचक, शीतला सप्तमी (उड़ीसा) तथा गण्डमूल प्रारम्भ सायं 07-29 से।

वार व तारीख
सोमवार-3,जुलाई: विवाह, कुआं पूजन, सगाई-रोका व हलप्रवहण के मूल नक्षत्र में तथा कूपाराम्भ का पू.षा. नक्षत्र में।

मंगलवार-4,जुलाई: विवाह उत्तराषाढ़ा में तथा प्रसूतिस्नान, सगाई व रोका और आठवां पूजन, पुंसवन, सीमन्तोन्नयन आदि के पूर्वाषाढ़ा व उत्तराषाढ़ा में।
बुधवार-5,जुलाई: देव-प्रतिष्ठा, मशीनरी प्रा., वाहनादि क्रय करना, मुण्डन, नामकरण, अन्नप्राशन, कुआं पूजन, हलप्रवहण व पदग्रहण करना आदि सभी श्रवण नक्षत्र में।
गुरुवार-6,जुलाई: विवाह, सगाई व रोका तथा गृह-प्रवेश का अतिआवश्यकता में (भद्रा व रिक्ता तिथि दोष युक्त) धनिष्ठा नक्षत्र में।
शुक्रवार-7,जुलाई: नामकरण, अन्नप्राशन, कूपाराम्भ, हलप्रवहण, गृह-प्रवेश का अति.आव. में (शनि युति दोष युक्त) तथा प्रसूति स्नान सभी शतभिषा नक्षत्र में।
शनिवार-8,जुलाई: गृह-प्रवेश का अतिआवश्यकता में पूर्वाभाद्र पद नक्षत्र में (पर नक्षत्र त्याज्य दोष युक्त) तथा विवाह का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में शुभ मुहूर्त।
रविवार-9,जुलाई: विवाह उ.भा. व रेवती में तथा देव-प्रतिष्ठा, विपणि-व्यापार, प्रसूतिस्नान, आठवां पूजन, पुंसवन, सीमन्तकर्म उत्तराभाद्रपद में, सगाई व रोका उत्तराभाद्रपद व रेवती नक्षत्रों में।


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