
Crop Loss Compensation: जयपुर। राज्य सरकार ने खरीफ फसलों में खराबे से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर प्रदेश के छह जिलों के कुल 3,777 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। इस निर्णय से उन किसानों को विशेष राहत मिलेगी, जिनकी फसलें बाढ़ या अतिवृष्टि के कारण 33 प्रतिशत या उससे अधिक खराब हुई हैं।
आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की उप शासन सचिव शैफाली कुशवाहा ने जानकारी दी कि झालावाड़, धौलपुर, बूंदी, भरतपुर, डीग और टोंक जिलों की कुल 43 तहसीलों के प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान के तहत सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशि किसानों को उनकी गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर वितरित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि खरीफ फसल संवत 2082 (वर्ष 2025-26) की गिरदावरी रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि इन गांवों में बाढ़ व अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है। इस कारण राज्य सरकार ने इन्हें अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। इस निर्णय से किसानों को बीज, खाद, दवाई और अन्य कृषि संसाधनों की खरीद में आर्थिक मदद मिलेगी।
सरकार का यह कदम प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को नई ऊर्जा और सहारा प्रदान करेगा, जिससे वे आगामी रबी सीजन की तैयारी सुचारू रूप से कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस वर्ष अतिवृष्टि से खरीफ फसल के नुकसान के संबंध में संवेदनशील निर्णय लिया है। जिसके तहत उन्होंने प्रभावित 6 जिलों के किसानों के लिए अनुदान वितरण की स्वीकृति दी है।
निर्णय के अनुसार, प्रभावित किसानों को एसडीआरएफ से कृषि अनुदान वितरण करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 6 जिलों की 40 तहसील के 2 हजार 961 गांवों को अभावग्रस्त घोषित करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है।
मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील निर्णय से अजमेर, अलवर, झुंझुनूं, कोटा, पाली और बांसवाड़ा जिले के आठ लाख से अधिक किसानों को राहत मिलेगी।
Updated on:
07 Nov 2025 05:04 pm
Published on:
07 Nov 2025 04:52 pm
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