
जयपुर. राजधानी में हर वर्ष आपराधिक मुकदमों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, कई थाने ऐसे भी हैं, जहां पुलिस इंतजार करती है कि कोई तो आए और एफआईआर दर्ज करवाए। वहीं कुछ ऐसे भी थाने हैं, जहां की पुलिस सोचती है कि उनके थानों में एफआईआर का अंबार लग गया...अब कोई पीड़ित नहीं आना चाहिए। गौर करने वाली बात है कि कम एफआईआर दर्ज होने वाले थाना क्षेत्र में घनी आबादी है। यहां के लोग एक दूसरे की मदद करते हैं, इसके चलते यहां अपराध भी कम होते हैं।
संजय सर्कल में सप्ताह में एक तो मुहाना में रोज चार एफआइआर
राजधानी में संजय सर्कल थाना ऐसा है, जहां सप्ताह में एक एफआइआर दर्ज हो रही है। इसके चलते लगता है कि यहां की पुलिस आईपीसी की धाराओं का ज्ञान भूल गई। तभी तो हाल ही में भाजपा नेताओं पर कांग्रेस नेता के खिलाफ साजिश रचने की शिकायत पर हत्या की धारा में मामला दर्ज कर लिया। दूसरी तरफ मुहाना थाना ऐसा है, जहां रोज औसतन चार एफआइआर दर्ज हो रही है।
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टॉप फाइव थाने, जहां कम मुकदमे दर्ज हुए
संजय सर्कल 29
लालकोठी 40
सिंधीकैम्प 42
तूंगा 43
जालूपुरा 49
टॉप फाइव थाने, जहां सबसे अधिक दर्ज मुकदमे
मुहाना 408
प्रताप नगर 362
करधनी 352
मानसरोवर 350
कानोता 317
कम नहीं क्षेत्रफल, आबादी भी खूब
संजय सर्कल थानाधिकारी मो. शफीक खान ने बताया कि यहां दर्ज होने वाले 90 फीसदी प्रकरण आपसी विवाद व मारपीट के हैं। इसके अलावा कुछ अन्य मामले हैं। लालकोठी थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया उनके यहां मारपीट और लेन-देन के मामले हैं। कुछ जेल में बंदियों में मारपीट या मोबाइल मिलने वाले प्रकरण भी दर्ज हैं। दोनों ही थानों का क्षेत्र भी काफी बड़ा है और आबादी भी खूब है।
हर तरह का अपराध, जमीन विवाद अधिक
मुहाना थानाधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि थाने में मारपीट, चोरी व नकबजनी के मामले अधिक दर्ज हुए हैं। वहीं प्रताप नगर थानाधिकारी मानवेन्द्र सिंह का कहना है कि यहां हर तरह के आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। करधनी थानाधिकारी हीरालाल सैनी ने बताया कि नई-नई कॉलोनियां बसने पर जमीन विवाद, प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बनाने, ऋण के नाम पर धोखाधड़ी जैसे अधिक मामले दर्ज हुए हैं
Published on:
26 May 2023 12:53 pm
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