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Rajasthan IPS Transfer: अजमेर और दौसा की पहली महिला SP का ‘तमगा’, अब IPS वंदिता राणा संभालेंगी ये नई ज़िम्मेदारी 

राजस्थान में 64 आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादले में उन अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं जिन्होंने जिलों में अपनी कार्यकुशलता साबित की है। इसी कड़ी में, अजमेर और दौसा जैसे जिलों की पहली महिला कप्तान रहीं आईपीएस वंदिता राणा (Vandita Rana) का नाम सबसे ऊपर चमक रहा है।

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राजस्थान पुलिस की सबसे चर्चित और निडर महिला अधिकारियों में शुमार 2017 बैच की आईपीएस वंदिता राणा (IPS Vandita Rana) को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुक्रवार देर रात जारी हुई तबादला सूची के अनुसार, वंदिता राणा को अजमेर एसपी (SP Ajmer) के पद से हटाकर अब पुलिस अधीक्षक सतर्कता (SP Vigilance), जयपुर के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है। अजमेर और दौसा जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों की पहली महिला एसपी बनने का गौरव रखने वाली वंदिता राणा अब पुलिस मुख्यालय में रहकर महकमे की पारदर्शिता और अनुशासन पर नजर रखेंगी।

अजमेर की 'पहली महिला कप्तान' का कार्यकाल

सितंबर 2024 में जब वंदिता राणा ने अजमेर एसपी का पदभार संभाला था, तब वे इस जिले की पहली महिला एसपी बनी थीं। अपने छोटे से कार्यकाल में उन्होंने अजमेर की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सख्त बनाया।

  • घुसपैठियों के खिलाफ जंग: अजमेर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या के खिलाफ उन्होंने 'एक कदम' अभियान चलाकर हड़कंप मचा दिया था।
  • पुलिस सत्यापन अनिवार्य: उन्होंने घरेलू नौकरों, किरायेदारों और ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य कर सुरक्षा का एक नया घेरा तैयार किया।

वो 'शाही विदाई' जिसे राजस्थान कभी नहीं भूलेगा

वंदिता राणा की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब उनका तबादला दौसा से हुआ था, तब वहां के पुलिसकर्मियों और आम जनता ने उन्हें घोड़ी पर बिठाकर विदा किया था।

  • 4 किलोमीटर लंबा जुलूस: दौसा के इतिहास में किसी एसपी को ऐसी शाही विदाई पहली बार मिली थी। बैंड-बाजे और फूलों की बारिश के बीच जब 'लेडी सिंघम' विदा हुई थीं, तो वह वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ था। यह उनकी जनप्रिय छवि और ईमानदार पुलिसिंग का सबसे बड़ा प्रमाण था।

IFS से IPS तक का संघर्षमयी सफर

वंदिता राणा की कहानी किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है।

  • पिता का साया उठा, पर हौसला नहीं: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली वंदिता ने 2003 में अपने पिता को खो दिया था। उनके पिता की एक छोटी सी कपड़ों की दुकान थी।
  • बायोटेक्नोलॉजिस्ट से अफसर तक: उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Sc.) किया और पहले डॉक्टर बनने का सपना देखा। पीएमटी में असफल होने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की राह चुनी।
  • डबल सफलता: वे पहले 2014 बैच की आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अधिकारी बनीं और सिरोही में ट्रेनिंग भी की। लेकिन जुनून खाकी का था, इसलिए 2017 में IPS बनकर लौटीं।

'सतर्कता' विभाग में अब नई अग्निपरीक्षा

एसपी सतर्कता (Vigilance) जयपुर का पद बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहाँ वंदिता राणा का मुख्य कार्य पुलिस महकमे के भीतर होने वाली अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर लगाम लगाना होगा। उनकी छवि एक 'जीरो टॉलरेंस' वाली अधिकारी की है, इसलिए माना जा रहा है कि उनके आने से विभाग में पारदर्शिता बढ़ेगी।

करियर के प्रमुख पड़ाव

वंदिता राणा ने अपने करियर में राजस्थान के कई अहम पदों पर लोहा मनवाया है:

  • दौसा और अजमेर: पहली महिला पुलिस अधीक्षक होने का गौरव।
  • जयपुर कमिश्नरेट: डीसीपी वेस्ट और डीसीपी क्राइम जैसे पदों पर नशे के सौदागरों की कमर तोड़ी।
  • सिरोही और कोटपूतली-बहरोड़: चुनौतीपूर्ण जिलों में अपराध नियंत्रण।
  • एसीबी (ACB): भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में भी उनकी सेवाएं सराहनीय रहीं।