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जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में फाइव इयर लॉ, एलएलबी इवनिंग और एमएड के पाठ्यक्रमों में नए सत्र में प्रवेश पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार की ओर से पदों की स्वीकृति नहीं देने व बार काउंसिल ऑफ इंडिया की पर्याप्त फेकल्टी के अभाव में पाठ्यक्रम संचालित नहीं करने की चेतावनी के बाद इन पाठ्यक्रमों का संचालन मुश्किल हो रहा है। राजस्थान विश्वविद्यालय ने नियमित शिक्षकों के नए पद स्वीकृत होकर भर्ती होने तक प्रवेश प्रक्रिया को रोकने का निर्णय किया है। मामला सोमवार को अकादमिक परिषद की बैठक में रखा जाएगा। यहां हुए निर्णय पर सिंडीकेट की सहमति ले ली जाएगी। नियमित पदों को स्वीकृत करने के लिए प्रशासन अब तक नौ बार सरकार को गुहार लगा चुका है। फिलहाल विधि विभाग में 28 पद स्वीकृत हैं। विवि ने 32 नए पदों की मांग की है।
500 प्रवेश रुकेंगे
अगर अगले सत्र में ये पाठ्यक्रम संचालित नहीं होते हैं तो विश्वविद्यालय में 520 नए छात्रों के प्रवेश का रास्ता बंद हो जाएगा। सत्र 2018—19 में एलएलबी इवनिंग में प्रथम वर्ष की तीन सौ, फाइव इयर लॉ की 120 सीटों और एमएड की 50 सीटों पर प्रवेश प्रभावित हो सकते हैं।
खुद के यहां प्रवेश नहीं
इस निर्णय से विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में भी अजीब स्थिति पैदा हो जाएगी। विश्वविद्यालय इस बार प्रदेश भर के कॉलेजों में एमएड के प्रवेश के लिए काउंसलिंग तो कराएगा, लेकिन खुद के केन्द्र पर ही प्रवेश नहीं दे पाएगा। शिक्षा विभाग में शिक्षक का एक ही पद स्वीकृत था, लेकिन इस पर कार्यरत शिक्षक भी छोड़ गया।
परिषद की बैठक में रखी जाएगी बात
परिषद की बैठक में यह बात रखी जाएगी कि जब तक नियमित शिक्षकों के नए पद स्वीकृत नहीं हों, तब तक इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं दिए जा सकते। यह छात्रों के भविष्य का मामला है। पद मिलते हैं तो कोर्स फिर शुरू किए जाएंगे।
-प्रो.आर.के.कोठारी, कुलपति
Published on:
23 Apr 2018 08:38 am
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