
एएसआई प्रवीण कुमार और क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक सिंह। फोटो- पत्रिका
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी ने सोमवार को दो बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीगंगानगर और भरतपुर में सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में काम के बदले अवैध राशि मांगने के आरोप सामने आए हैं, जिन पर एसीबी ने सख्त कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
श्रीगंगानगर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रायसिंहनगर के क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक सिंह को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। परिवादी की फर्म को दो अलग-अलग माइनरों से पेड़ों के ठूंठ निकालने का ठेका मिला था। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले आरोपी सुविधा शुल्क की मांग कर रहा था। राशि नहीं देने पर परिवहन कार्य रुकवाने और फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की धमकी दी जा रही थी।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, आरोपी अधिकारी की ओर से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को एडिशनल एसपी पवन कुमार मीणा के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र कुमार व टीम ने ट्रेप कार्रवाई कर आरोपी को 40 हजार रुपए लेते हुए पकड़ लिया। आरोपी मूल रूप से सीकर का निवासी है। उसके निवास पर भी एसीबी की टीम ने दबिश देकर नकदी, सोना-चांदी और अन्य संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।
भरतपुर में एसीबी टीम ने पुलिस थाने के एएसआई प्रवीण कुमार को 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी एएसआई पर मारपीट के एक मामले में मदद करने और नाम निकालने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
एएसपी अमित कुमार ने बताया कि परिवादी की शिकायत पर पहले सत्यापन कराया गया। मामला सही पाए जाने पर एसीबी टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी ने आरोपी को 12 हजार रुपए दिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और राशि बरामद कर ली।
यह वीडियो भी देखें
दोनों मामलों में एसीबी की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। भरतपुर में आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि श्रीगंगानगर में भी जांच जारी है। एसीबी दोनों मामलों में साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
Published on:
23 Mar 2026 08:38 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
