
राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने प्रदेश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री महेश जोशी तो छोटी मछली हैं और उनके तो केवल खुरचन ही हाथ लगी है, पूरी मलाई तो अशोक गहलोत खा गए।
गुढ़ा सोमवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत में यह आरोप लगाए। उन्होंने गहलोत को भ्रष्टाचार की गंगोत्री बताते हुए कहा कि उनकी इच्छा के बिना एक कांस्टेबल का भी तबादला नहीं हो पाता था। उन्होंने कहा कि गहलोत के शासन में नीचे से ऊपर तक एक ही दिन में सारी फाइल क्लियर कर दी जाती थी। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जेजेएम मामले में छोटी मछलियों को पकड़ने की बजाए मगरमच्छों को पकड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जेजेएम घोटाले जैसा काम बिना खलीफा के नहीं हो सकता और इस भ्रष्टाचार के खलीफा अशोक गहलोत हैं। उन्होंने कहा कि वह गहलोत सरकार में दो बार मंत्री रहे हैं और उनकी कार्यशाली से पूरी तरह वाकिफ हैं। गुढ़ा ने कहा कि जब उनकी बर्खास्तगी हुई थी, तब भी उन्होंने कहा था कि ये सारे लोग आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचार की गंगोत्री खुद गहलोत हैं और इनकी इच्छा के बिना छोटा से छोटा बिल भी नहीं निकलता था।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आरपीएससी में साक्षात्कार में किसका चयन होना है, उसकी सूची तो गहलोत के यहां से जाती थी। गुढ़ा ने कहा कि उस समय उन्होंने बैठक में कहा था कि आरपीएससी में भ्रष्टाचार है और आरपीएससी का पुनर्गठन होना चाहिए। गुढ़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि गहलोत ने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को भी खुली छूट दे रखी थी और उन्होंने भी खूब भ्रष्टाचार किया। उन्होंने कहा कि भाया रे भाया खूब खाया, एक तो गांव ही खाया।
विधायक जयकृष्ण पटेल के रिश्वत के आरोप में पकड़े जाने के सवाल पर गुढ़ा ने कहा कि यह तो नया आदमी था, इसे पैसे लेने का अनुभव नहीं था और अनुभव की कमी के कारण यह पकड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एमएलए कोटे में 50 प्रतिशत से ज्यादा कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि विधायक को ऐसे मामले में पकड़ने की कोशिश ही पहली बार ही हुई है, इससे पहले कोशिश होती तो पहले ही पकड़े जाते और कोशिश करेंगे तो और पकड़े जाएंगे।
Published on:
06 May 2025 05:47 am
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