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मध्य प्रदेश के तत्कालीन एआईजी को आजीवन कारावास, जयपुर पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सजा

जयपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने मध्य प्रदेश पुलिस के तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा को महिला से दुष्कर्म और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि आरोपी ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर पीड़िता का विश्वास तोड़ा।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Jul 30, 2026

Jaipur pocso court

Jaipur: मध्य प्रदेश के तत्कालीन एआईजी को आजीवन जेल की सजा (प्रतीकात्मक तस्वीर-पत्रिका)

जयपुर। जयपुर महानगर की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने मध्य प्रदेश पुलिस के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) अनिल मिश्रा को एक महिला के साथ पति की मदद का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत करने के मामले में अदालत ने उन्हें तीन साल के कारावास और जुर्माने की सजा भी सुनाई।

फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि आरोपी उस समय मध्य प्रदेश पुलिस में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर तैनात था और उस पर आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। इसके बावजूद उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता को उसके पति की कानूनी मदद का भरोसा दिलाया और विश्वास में लेकर अलग-अलग शहरों में उसके साथ कई बार गलत काम किया। अदालत ने इसे बेहद गंभीर अपराध माना।

पति की मदद के बहाने के महिला को बनाया शिकार

विशेष लोक अभियोजक संदीप वाजपेयी ने अदालत को बताया कि पीड़िता ने 11 जुलाई 2014 को जयपुर के महिला थाना (दक्षिण) में मामला दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, उसके पति के खिलाफ फरवरी 2012 में मध्य प्रदेश के सीहोर में एक मामला दर्ज हुआ था। इसी दौरान पति ने उसे बताया कि तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा उनके व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और वे उनकी मदद कर सकते हैं। इस पर महिला मार्च 2012 में भोपाल जाकर आरोपी से मिली।

इन जगहों पर महिला की इज्जत पर डाला हाथ

आरोप है कि अनिल मिश्रा ने पति की सहायता कराने का भरोसा देकर महिला को ऑफिसर्स मेस बुलाया, जहां उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद आरोपी ने विभिन्न बहानों से उसे जोधपुर, मुंबई और अन्य शहरों में बुलाया और वहां भी कई बार उसके साथ वही हरकत की। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे अपने बैंक खाते में कई बार रुपए भी ट्रांसफर कराए।

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नाबालिग बेटी को भी नहीं छोड़ा

मामले में यह भी सामने आया कि अप्रैल 2014 में आरोपी ने पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकत की। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप-पत्र पेश किया।

दोनों मामलों में दोषी करार

सभी साक्ष्यों, गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने अनिल मिश्रा को दोनों मामलों में दोषी करार दिया। अदालत ने महिला के साथ गलत काम के मामले में आजीवन कारावास तथा नाबालिग के साथ गलत हरकत के मामले में तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।