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राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने एक बार फिर जीवन बचाने की मिसाल पेश की है। इस योजना के तहत आमेर ब्लॉक की आरबीएसके मेडिकल टीम ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बोढाणी की ढाणी, अचरोल में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया।
आमेर के बीसीएमएचओ डॉ. जे.पी. सैनी ने बताया कि जांच के दौरान पाया कि विद्यालय में पढ़ने वाला छात्र यश सैनी पुत्र प्रहलाद सैनी, निवासी नई कोठी, अचरोल गंभीर जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहा है। टीम ने बताया कि यश को हल्की मेहनत करने पर ही सांस फूलने लगती थी, शरीर नीला पड़ जाता था, कमजोरी रहती थी और उसका शारीरिक विकास भी प्रभावित हो रहा था। स्थिति को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने यश को तत्काल उच्च स्तरीय जांच के लिए रेफर किया। विशेषज्ञों की जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि बच्चे की जान बचाने के लिए ओपन हार्ट सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है।
इसके बाद 23 अगस्त को मानसरोवर स्थित एक निजी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अभिमन्यु उप्पल और डॉ. रोहित सिंह की टीम ने सफल ओपन हार्ट सर्जरी कर यश को नई जिंदगी दी। आज यश पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रहा है। जिसके चलते परिवार में अब खुशी दिखाई दे रहीं है। यश के पिता प्रहलाद सैनी ने कहा कि वह इतने बड़े ऑपरेशन का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं थे। लेकिन राजस्थान सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के कारण पूरा इलाज और सर्जरी पूरी तरह नि:शुल्क कराई गई है।
भावुक पिता ने कहा कि अगर यह योजना और डॉक्टरों की मदद नहीं होती, तो हम अपने बेटे की जान नहीं बचा पाते।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने बताया किराष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकार, बीमारियों और कमियों की समय पर पहचान कर नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। यह योजना अनेक बच्चों के लिए जीवनदायी साबित हो रही है।
Published on:
29 Aug 2025 01:27 pm
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