
राजस्थान हाईकोर्ट। फोटो-पत्रिका
जयपुर। जिले समाप्त करने का विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने गंगापुरसिटी जिला खत्म करने के मामले में राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार से जिला खत्म करने का आधार बताने को कहा है।
वहीं, याचिकाकर्ता को मौखिक रूप से चेताया कि यदि ठोस आधार नहीं बताया तो जनहित याचिका हर्जाने के साथ खारिज की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव व न्यायाधीश उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने सोमवार को गंगापुरसिटी विधायक रामकेश मीणा की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सारांश सैनी ने कोर्ट को बताया कि गंगापुरसिटी को निर्धारित मापदंड के आधार पर जिला बनाया गया। राजनीतिक द्वेष के कारण अब कुछ जिलों का दर्जा समाप्त कर दिया, जिनमें गंगापुरसिटी भी शामिल है। सरकार ने इस जिले में कई प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की। ऐसे में गंगापुरसिटी जिले का दर्जा समाप्त करना गलत है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि राज्य सरकार ने किस आधार जिला निरस्त किया, इस बारे में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी ली जा सकती थी। याचिकाकर्ता ने यह जानकारी मांगने के लिए क्या किया?
इससे संबंधित कोई दस्तावेज याचिका के साथ नहीं लगाया गया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या न्यायिक विवेक का इस्तेमाल कर जिला निरस्त किया?
Updated on:
14 Jan 2025, 7:09 AM IST
Published on:
14 Jan 2025, 6:50 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.