
जयपुर
हम किसी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं है। राहुल गांधी ने खुद ने कहा कि हिंसा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि इस हिंसा में मेरा नाम लेकर बातें करना गलत है, मैं इसकी निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो सीएम ने दो बार यात्राएं निकाली और उनकी सुरक्षा के लिए उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल लगाकर रक्षा की थी। प्रधानमंत्री वाजपेयी आए थे जिनका विरोध करने के लिए कुछ लोग लगे हुए थे तो उनको पुलिस से पकड़वाया था। ऐसे में मुझ पर आरोप लगाने की उनकी हिम्मत कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि पिपाड़ में उनके खुद के भाजपा कार्यकर्ता नाराज थे और पूर्व में भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे आरोप इसलिए लगाती है ताकि साहनभूति बटोर कर वोट हासिल कर सकें।
काला झंडा भी बर्दाश्त नहीं
उन्होंने कहा कि कोई नाराज होगा और किसी ने काला झंडा दिखा दिया होगा तो वह भी घमंड के कारण मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बर्दाश्त नहीं है। जबकि यह तो लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने खुद सीएम रहते कई बार इसका सामना किया।